Sunday, October 9, 2011

उसने कहा कि वो किताब पढ़ो "उन सपनों की व्यथा कहो वेरा" मैंने कहा और क्या है उस किताब में मेरे सपनों की व्यथा और जीवन की हकीकत में तो ना वेरा है ना व्यथा बस एक अथाह दुःख का सागर है और बस............

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