मप्र के मालवा में दंगों की सुगबुगाहट मप्र में इन दिनों अपेक्षाकृत ढंग से दंगों की सुगबुगाहट सुनाई दे रही है खासकरके मालवा क्षेत्र में यह संभावनाएं बढ़ गयी है और स्थिति प्रशासन की पकड़ से दूर होती जा रही है. यदि मै कहूं पुलिस का खुफिया तन्त्र और मुखबिरी का जाल फेल हो चुका है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी. इंदौर में पिछले दिनों मुस्लिम समुदाय ने जिस तरह से रीगल चौराहे पर खड़े होकर जो कार्यवाही की और डर पैदा करने का काम किया था वह अब मालवा के सुदूर इलाकों में नजर आने लगा है. मालदा, कमलेश तिवारी के बयानों से इस मालवा का कोई लेना देना नहीं है परन्तु पिछले दो - तीन दिनों से देवास में तनाव बना है और आज आखिर में जो परिणाम निकले है वह बेहद चिंताजनक है. दो दिन पहले मोती बँगला स्थित संघ की शाखा में बच्चों को खेलते हुए कुछ युवाओं ने मार पीट की तो थोड़ा मामला संगीन हो गया था, प्रशासन ने कार्यवाही की परन्तु कुछ लोगों को लगा कि यह पक्षपात पूर्ण कार्यवाही थी लिहाजा उन्होंने टी आई, कोतवाली को बर्खास्त करने की बात की. आज सुबह जब एक शौर्य यात्रा निकल रही थी तो एक दूकान के सामने कुछ युवा समूह में आ...
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