प्रिय अखिलेश ये तुने ये क्या कर दिया बेटा, आज से ही आज से लेपटॉप बांटना शुरू कर दिया, अरे दो-तीन साल तो रुक जाता, ऐसा भी क्या वायदा निभाना, अब हमें आने वाले समय में इस घोटाले की जांच के लिए एक आयोग बिठाना पडेगा फ़िर जांच समिति की रपट मीडिया में लीक करने के लिए एक अधिकारी को भ्रष्ट करना पडेगा, फ़िर संसद में इसकी जांच और फ़िर अंत में भारी भरकम दस्तावेजों को रखने के लिए दफ्तर लेना पड़ेंगे. सुनो भाई, जिन को भी बाँट रहे हो उनका रेकार्ड सही रखना, हस्ताक्षर ले लेना, विडीओग्राफी करवा लेना, अखबारों की कटिंग रख लेना और बजट, अकोउन्ट्स आदि सही रखना और यदि किसी पर अभी भी शक हो या अपना कमीशन का चक्कर हो तो हिसाब सही कर लो बेटा रजिस्टरों में, ओके; क्योकि बाद में हमें बहुत दिक्कत होती है भाई, तुम्हारे पिता, चाचा लालू, बुआ मायावती, और बड़े पापा मौनमोहन सिंह का हिसाब करते करते मै थक गया हूँ.........हाँ मेरे भी पोते कह रहे थे कि भाईसाहब की मेहरबानी हो जाती तो "एपल की चार ठो मैकबुक" भिजवा दो इतने कही भी खप जायेंगी. घर में सबको यथा अभिवादन और बहू को कहना कि वो आजकल सांसद निध...
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