सुतून-ए-दार पे रखते चलो सरों के चरागां जहाँ तलक ये सितम की सियाह रात चले • मज़रुह सुल्तानपुरी मतलब सनातनियों और हिंदू अंध भक्तों की हिम्मत देखिए मंदिर चोरी का चंदा और आभूषण बाथरूम में जाकर छुपाते थे और फिर उठाते थे, गजब का अपमान है हमारे प्रभु श्रीराम और हिंदू आस्था का, शर्म - लिहाज और भगवान का ख़ौफ नहीं जरा भी रोज - रोज नए नए खुलासे हो रहे और अब सीधी सी बात है चंपत से लेकर सबको गिरफ्तार करो और भाजपा सरकार एवं राज्य प्रमुख को बर्खास्त कर हिरासत में लिया जाए, दूसरे राज्यों की जेलों में भेजकर पंद्रह दिन की "पुलिसिया रिमांड" पर लिया जाए - ताकि सारे टाँके नीचे से ऊपर तक ढीले हो जाए और बात उप्र तक ही नहीं - दिल्ली तक जाए यहां एक उदाहरण दूंगा, पिछले दिनों उज्जैन, नलखेडा में परिवार के साथ जाना हुआ, भाई-भाभी और बाकी लोगों ने मंदिर में श्रद्धा के अनुसार नगद दान पेटी में डालना चाहा, पर उपस्थित पुजारियों ने जोर - जबदस्ती की कि थाली में डालो और जैसे ही सौ - पांच सौ के नोट डाले, बगैर एक क्षण गंवाएं उन्होंने उठा लिए, उज्जैन गर्भ गृह में मैंने सौ का नोट दानपेटी में डालने की कोशिश की तो पण्ड...
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