Wednesday, October 5, 2011

मृत्यु - एकमात्र चीज़ जिसके बारे में हम निश्चिंत होते हैं. क्या वह भी आदमी को आख़री मौके पर धोखा दे सकती है? हम यह भी नहीं जान पाते, वह अपने साथ किसे ले गई है... क्या उसे जिसे हम जानते थे या किसी और को, जिसे जानने की कभी मुहलत नहीं मिली...
-निर्मल वर्मा

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