Thursday, November 10, 2011

जीने में मृत्यु की राहत, नहीं 'मृत्यु' एक अवधारणा है, निरा एक विचार, जबकि विस्मृति में जाना मरना है; हम मरने को अनुभूत कर सकते हैं, मृत्यु को नहीं; इसीलिए ध्यान इतना रिलीफ देता है... हम ज़िन्दगी के जबड़े से कुछ इस तरह निकल आते हैं, जैसे कबूतर बिल्ली के मुहँ से... अगर इसकी कल्पना की जा सके...
- निर्मल वर्मा

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