Saturday, November 5, 2011

लेखन के जरिये लड़ो !दिखाओ की तुम लड़ रहे हो !यथार्त तुम्हारे पक्ष में है ,तुम भी यथार्थ के पक्ष में खड़े हो !जीवन को बोलने दो !इसके अवहेलना मत करो !अपने वर्ग के लक्ष्य को जो सारी मानवता का लक्ष्य है ,आगे बढाने के लिए सब कुछ करो ,लेकिन किसी भी चीज को सिर्फ इसलिए मत छोड़ दो ,क्योंकि वह तुम्हारे निष्कर्षों ,प्रस्तावों और आशाओं के साथ मेल नहीं खाती ,बल्कि ऐसे ऐसे निष्कर्ष को छोड़ ही दो
-ब्रेटोल्ट ब्रेष्ट

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