Friday, November 18, 2011

ये दुनिया डरावने रहस्यों से बनी हुई है. हम उन ‘रहस्यों’ से चौतरफ़ा घिरे हुए हैं, हम उनके लिफ़ाफ़ों के भीतर बंद चिट्ठियों जैसे हैं, लेकिन हम तब भी नहीं समझ पाते कि आखिर वे हैं क्यों, किस लिए उन्हें बनाया गया है?
यह एक सिहरा देने वाला, बेचैन करने वाला, भयभीत करने वाला साक्षात्कार है..
आपको मर्मांतक चोट पहुंचती है, जब पता चलता है कि आपको धोखा दिया गया है, आप ठगी के शिकार हुए हैं. अचानक आपको पता चलता है कि उन सब चीज़ों को, जिन्हें आप बहुत प्यार करते थे, जिन्हें आपने अपनी आत्मा की तहों तक से चाहा था, वे पूरी तरह से सड़-गल चुकी हैं. उन्हें दीमक खा गये हैं…
फिर भी अंधेरे में घिरे रहने से अच्छा है कि हम यह जानें..
यह यथार्थ रहस्यों से घिरा-बना है, जिसकी चाभी उन ताकतवर लोगों के पास है, जो इसी की बदौलत ऊपर, अपने किलों में सुरक्षित बैठे हुए हैं….जैसे ही इन रहस्यों से परदा उठता है, उनकी ताकत चली जाती है.

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