Tuesday, August 2, 2011

प्रशासन पुराण16

एक सरपंच अभी दफ्तर में आया और हाथ जोड़ खडा था कि एक साल पहले आवेदन दिया था कुछ हुआ नहीं साब क्या करू? मैंने कहा सूचना के अधिकार का प्रयास क्यों नहीं करते और एक साल से हाथ जोड़े घूम रहे हो सरपंच हो या किसी देश के निर्वासित नागरिक. कमाल है इस देश में जन प्रतिनिधि भी गयी गुज़री स्थिति में है और जारूकता के नाम पर उन्हें सिर्फ और सिर्फ रिश्वत का खेल आता है और बाबू मुसकुरा रहे थे मेरे शर्म भी बेच दी है इन्होने (प्रशासन पुराण16)

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