Monday, January 16, 2012



सगे कुए शेरे अजदानुम, हमन है इश्क मस्ताना, हमन को होशियारी क्या ? रहे आजाद या ज़द में हमन दुनिया से यारी क्या ? जो बिछड़े हैं प्यारे से, भटकते दर बा दर फिरते, हमारा यार है हममे, हमन को इंतजारी क्या ? न पल बिछड़े पिया हम से, न हम बिछड़े पियारे से, इन्ही से निह लागी है, हमन को बेकरारी क्या ? कबीरा इश्क का माता, दुई को दूर कर दिल से, जो चलना राह नाजिक है, हमन से बोझ भारी क्या ?

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