Monday, January 9, 2012

साधो देखो जग बौराना.............

एक बार राजा ने बुल्लेशाह से नाराज होकर यह फरमान जारी कर दिया कि बुल्लेशाह जिस रास्ते से गुजरे उस रास्ते पर लोग उन पर पत्थर बरसाए........बुल्लेशाह जिस रास्ते से गुजरते, लोग उन पर पत्थर बरसाते और वो बहुत साहस के साथ उन पत्थरों का सामना करते..... एक बार वो अपने करीबी मित्र के घर के सामने से गुजरे तो उस मित्र ने उन पर फूल उछाल दिया, बुल्लेशाह को वो फूल लग गया और वो जार- जार रो पड़े....जब लोगो ने उनसे पूछा तो उन्होंने कहा कि सारे गाँव के लोगों के पत्थरों से उन्हें उतनी चोट नहीं पहुँची, जितनी सबसे करीबी दोस्त के फूल से पहुँची है................

सच है बुल्लेशाह का कथन मित्रों................

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