Sunday, September 11, 2011

नीरज वशिष्ठ के कुछ शेर.............

नीरज वशिष्ठ के कुछ शेर.............
गलतीयों से जुदा, वो भी नहीं मैं भी नहीं...
दोनो इन्सान हैं.. खुदा वो भी नहीं मैं भी नहीं...
इस घुमती जिन्दगी में दोनो का सफर जारी रहा..
एक लम्हे को रूकते वो भी नहीं मैं भी नहीं......
हादसे इंसान के संग, मसखरी करने लगे
लफ़्ज़ क़ागज़ पर उतर, जादूगरी करने लगे
क़ामयाबी जिसने पाई, उनके घर तो बस गये
जिनके दिल टूटे वो आशिक़, शायरी करने लगे


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