Tuesday, September 13, 2011

प्रशासन पुराण 30

बहुत काम होते थे दफ्तर में दिनभर मूंगफली वाला आता, चने मसाले वाला, अचार- पापड बड़ी वाला, रेडीमेड कपडे वाला, आयुर्वेदिक प्रोडक्ट, ब्यूटी का सामान, चारोधाम तीरथ यात्रा का एजेंट, बीमे वाले तो खैर मासिक थे ही, इसके साथ उन्नत नस्ल के कुत्ते बेचने वाले, खेती किसानी के सामान वाले और फ़िर मिक्सर,कूलर के एजेंट-सब लोग बड़े ही भाईचारे के साथ आते चाय पानी पीते और फ़िर अपना माल बेचकर चले जाते. बेचारे लोग जो दूरदराज से काम के लिए आते वो खड़े रहते बाहर और अपने काम पूरे होने का इंतज़ार करते.(प्रशासन पुराण 30)

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