Wednesday, September 7, 2011

ज़रूरत है तो सिर्फ पहचानने की

Sidharath Jha says:-
आतंकवादी भी अब धर्म निरपेक्ष होते जा रहे हैं। तभी तो ना मंगलवार ना शुक्रवार, ना मंदिर के पास, ना मस्जिद की ही तलाश, चलो इस बार कोर्ट के पास, सब धर्म के लोग निशाने पर आ जाएंगेजायेंगे, ऐसी में अब राजनितिक दल भला कैसी भगवा या मुस्लिम आतंकवाद का ढोल जायेंगे, कम से कम अब तो जागो, आतंक का कोई रंग या धर्म नहीं होता, सिर्फ कुत्सित मानसिकता होती है, जो हमारे आस पास ही पनपती है, ज़रूरत है तो सिर्फ पहचानने की

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