Thursday, December 1, 2011

मौज कर रहे अधिकारियों के खिलाफ बिगुल

सीहोर में आजकल एक मजेदार बात हो रही है स्थानीय कुछ युवा और लोग रोज हर दफ्तर में जाते है ठीक पौने ग्यारह बजे और अधिकारियों के कमरे में जाकर खोजते है यदि अधिकारी मौजूद है तो उसे गुलाब की कली भेंट में देते है और यदि अनुपस्थित है तो जोरदार तरीके से ढोल बजाते है. यह "जागो अधिकारी जागो " अभियान के तहत हो रहा है. बात है तो मजेदार पर बेहद गंभीर और विचारणीय है कि यदि अधिकारी ही समय पर नहीं पहुंचेंगे तो आम लोगो के काम कैसे होंगे........यह प्रयास अनुकरणीय है और यहाँ लिखने का मतलब है कि इसे दूसरे शहरों में आसानी से किया जा सकता है. कुछ एनजीओ, जो जन अभियान से जुड़े है इस प्रकार की मशक्कत कर सकते है बशर्ते उन्हें सरकार से अनुदान की कोई दरकार ना हो....सीहोर का यह प्रयोग रंग ला रहा है दिनों दिन...........जय हो.......जन लोकपाल पर शहरों में चिल्लाने वाले लोगो के लिए यह प्रयोग एक प्रमाणित प्रयोग है और इसे अमल में लाने का प्रयास करे, इसमे नागरिक सहकारी बेंक के जिलाध्यक्ष भी शामिल है जो एक युवाओं की लंबी फौज लेकर मौज कर रहे अधिकारियों के खिलाफ बिगुल फूंक रहे है

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