Monday, December 19, 2011

प्रशासन पुराण 38

राजधानी से आया बड़ा अधिकारी था जब सारे काम निपट गए थ्री जिले की थ्री स्टार होटल में तो स्थानीय कार्यालय वाले को बुला लिया और दफ्तर पहुंचा, पूछने लगा कितने का स्टाफ है? जी बारह लोग है दस यहाँ है और दो ब्लोक में है, ब्लोक में कौन है, जी एक मेडम है और एक पुरुष है, अच्छा मेडम कौन है और वो ब्लोक में क्यों है उसे जिले में लाओ भाई , जी असल में उनकी अभी शादी नहीं हुई है...... अरे वाह फ़िर तो बताओ वहा का निरीक्षण करवाओ कभी, बल्कि अगले हफ्ते ही प्लान कर लों. जी साहब. अरे यहाँ टाँगे चलते है? जी.......तो आप क्या कर रहे है टाँगे वालो के लिए कोई हितग्राही मूलक योजना है? जी अभी तो नहीं है बनाते है......अरे हाँ ये रेलवे के ट्रेक तकलीफ देते है आज मेरी गाड़ी दो बार रुक गयी क्रोसिंग पर भाई सांसदों और विधायको को कहो कि वे जनभागीदारी से अंडरब्रिज बनवाएं. जी साब,छोटा अधिकारी बोल रहा था....और हाँ वो ब्लोक में कब चलना है.....क्या नाम है उस मेडम का......शादी क्यों नहीं की अभी तक..... जी पता नहीं .....सर वो विभाग को कुछ सामग्री चाहिए थी......हाँ हाँ टाँगे वालो के लिए कुछ योजना बनाओ फ़िर दे देंगे भाई...और वो ब्लोक का प्लान करो....जी.....हाँ ये सेवफल बड़ी खराब सी बदबू देते है जैसे कोई सदियों का बीमार हो.... जी साहब.....तो बिस्कुट कहा है? जी वो है ना अरे जुगतराम लाओ भाई बिस्कुट लाओ......और ये टाँगे वालो का क्या करना है इन्हें विधायक निधि से या स्वेच्छानुदान से कुछ नहीं करवा सकते क्या....... छोटा साहब परेशान था जी साहब.....देखता हूँ......(प्रशासन पुराण 38)

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