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मुझे "नीलकंठ" की याद आ गई

मुझे "नीलकंठ" की याद आ गई जिसके बारे में सुना था कि यदि यह पक्षी दिख जाये तो आँखे बंद करके दुआएं मांग लेना चाहिए ताकि हर दुआ कबुल हो जाये.........शुक्रिया Abhishek Thakur इस खूबसूरत भाषाई टुकड़े के लिए............

"दूर उस पार , आबनूस के घने पेड़ उसकी उम्र के साथ ही बड़े हुए थे | बारिश के हर मौसम के बाद इन पेड़ों के बीच से गुजरने के साथ अक्सर वो उस नीले फूलों वाले पेड़ों को खोजा करता था जिसके बारे में उसने अपने पूर्वजों से सुन रखा था | जो बारिश के बाद बस कुछ दिनों के लिए दिखाई देते थे और जिनके तनों से गुजरती हवाओं को सुन लेने पर वो जानवरों की बोली भी समझ सकता था"

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