Tuesday, March 19, 2013

अब ये नरक यात्रा नहीं है

पिछले कई दिनों से मप्र के सरकारी अस्पतालों में जा रहा हूँ तो सरकारी अस्पतालों पर गहरा विश्वास जम रहा है, डाक्टरों की मेहनत, काबिलियत योग्यता और जिस तरह के माहौल में वे काम करते है उससे सर झुकाने को दिल करता है. खासकरके सरकारी अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड बहुत अच्छे हो गये है और वहाँ जो सुविधाएँ है वो किसी प्राईवेट अस्पताल से कम नहीं बल्कि NRC & SNCU का जो शिशु मृत्यु दर कम करने में है वो अतुलनीय है. जो लोग भी इसमे काम कर रहे है और शिद्दत से लगे है आमूल-चूल परिवर्तन करने में उनकी मेहनत और जज्बे को सलाम .........इसमे भी बता दू कि सीहोर, सागर, सतना के अस्पताल में जो जच्चा-बच्चा के लिए सुविधाएँ है, वो एक सरकारी सेट अप में जमाने के लिए खून देना पड़ रहा है पर यहाँ की महिला डाक्टर, स्टाफ नर्सेस, पैरा मेडिकल स्टाफ, सिविल सर्जन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी, डीपीएम और NRHM का स्टाफ का जिस टीम भावना से काम कर रहा है वो बेहद प्रशंसनीयऔर सराहनीय है. ये लोग दस से सोलह घंटें काम कर रहे है और इसमे कोई इनका स्वार्थ नहीं है.

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