Wednesday, April 6, 2011

एनजीओ पुराण भाग २४

मुन्ना बड़ा मालिक भक्त था और साहब को खुश करना उसे बेहतर आता था क्योकि ये उसके खून में था घर से कुछ ही लाना हो या साहब का कोइ भी काम हो मुन्ना सहर्ष करता था क्योकि मुन्ना को मालुम था कि प्रमोशन की असली सीढ़ी सिर्फ और सिर्फ साहब है बाकी काम धाम तो सब " चुतियापा" है सो लगे रहो मुन्ना भाई की तर्ज पर वो कालान्तर में अधिकारी बन गया और आजकल वो एक बड़े पद पर साहब के साथ काम करता है जय हो(इति एनजीओ पुराण भाग २४ समाप्त)

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