Wednesday, April 13, 2011

एनजीओ पुराण भाग 36

वे दोनों एक बड़ी दुकान पर मुलाजिम थे फिर दुकानदार से झगड़ा हो गया क्योकि दुकानदार की बीबी जो आ गयी थी सो वो सब धंधा मेनेज करने लगी, सो इन दोनों ने अपनी दूकान खोल ली, सारे प्रशासनिक अधिकारी दोस्त थे सो दूकान चल निकली, बस ये नए लौंडो को रखते खूब जम के शोषण करते और अयोग्य बताकर निकाल देते, सरकारी दस्तावेज बनाने में माहिर थे सो जम के ठेका मिलता बस दूकान चल निकली आजकल सरकारी काम के विशेषज्ञ माने जाते है शहर की राजधानी में सूना है दूकान जम गयी है.(एनजीओ पुराण भाग 36 समाप्त) )

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