Sunday, April 26, 2015

Posts of 26 April 15- फ़िदेल के लिए एक गीत - चे ग्वेवारा



1 - आओ चलें,
भोर के उमंग-भरे द्रष्टा,
बेतार से जुड़े उन अमानचित्रित रास्तों पर
उस हरे घड़ियाल को आज़ाद कराने
जिसे तुम इतना प्यार करते हो ।
वचन देते हैं
हम विजयी होंगे या मौत का सामना करेंगे ।
जब पहले ही धमाके की गूँज से
जाग उठेगा सारा जंगल
एक क्वाँरे, दहशत-भरे, विस्मय में
तब हम होंगे वहाँ,
सौम्य अविचलित योद्धाओ,
तुम्हारे बराबर मुस्तैदी से
जब चारों दिशाओं में फैल जाएगी
तुम्हारी आवाज़ :
कृषि-सुधार, न्याय, रोटी, स्वाधीनता,
तब वहीं होंगे हम, तुम्हारी बग़ल में,
उसी स्वर में बोलते ।
और अगर हमारी राह में बाधक हो इस्पात
तो हमें क्यूबाई आँसुओं का सिर्फ़ एक
कफ़न चाहिए
जिससे ढँक सकें हम अपनी छापामार हड्डियाँ,
अमरीकी इतिहास के इस मुक़ाम पर ।
और कुछ नहीं ।
फ़िदेल के लिए एक गीत / चे ग्वेवारा

2 - (नेपाल के भूकंप पर मीडिया की घटिया चाल कि चाँद आज टेढा है) 
संवैधानिक वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के बाद भी लोग यहाँ अजीब तरह की बातें कर रहे है तो हमें प्राचीन युग में लौट जाना चाहिए और देखना चाहिए कि हम कितने पीछे चले गए है.......हमारे यहाँ गणेश जी दूध ही पीते रहेंगे और हम यही मूर्खताएं करते  रहेंगे.....

मैंने कल ही कहा था कि हम पचास हजार साल पीछे चले जायेंगे और इसे सुधारने में एक लाख वर्ष लग जायेंगे.........


यानि हद हो गयी अब तो चाँद और सूरज आदि को भी नहीं छोड़ा.......यार फिर तीसरी चौथी कक्षा में जाओ और भूगोल पढो.......

3
भारत की इस समय भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है नेपाल के विकास में और संबल बनाए रखने में, जो हुआ वह बेहद अफसोसजनक है, जिस तरह से नरेंद्र मोदी जी ने त्वरित कार्यवाही करते हुए नेपाल और भारतीय प्रभावित राज्यों में प्रशासनिक व्यवस्थाएं और सहायता पहुंचाई है वह काबिले तारीफ़ है मैं उनकी इस बात के लिए प्रशंसा करता हूँ शुक्रिया मोदी जी. 

अब 125 भारतीयों से निवेदन है कि अपने पुरातन ज्ञान का बखान ना करते हुए वैज्ञानिक चेतना फैलाने में मदद करें, अफवाह ना फैलाएं ना चाँद टेढा है ना कोई नासा से ऐसी सूचना है. Pawan Gupta​  Falguni Patadia​  ज़रा यह भ्रम दूर कर दो यार हम सबका, हम वैसे ही गणेश जी को दूध पिला चुके है और तमाम हवाई किलों पर पुष्पक विमान उड़ा चुके है यदि मोदी जी के कहने से ये अफवाहों का बाजार ठंडा पड़ सकता है तो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को उन्हें कहना चाहिए और विश्व को दृष्टि देने वाले भारतीय नेतृत्व के इकलौते प्रधान सेवक को अपने देश के लोगों को तत्काल रेडियो, दूरदर्शन और सभी संभावित मीडिया चैनलों ( इंडिया टीवी को छोड़कर) अपनी बात सबकी बात कहनी चाहिए.

रजत शर्मा से करबद्ध निवेदन है कि उन्हें पदम् श्री मिल गया है, सन 2019 के बाद भारत रत्न भी दे देंगे पर इस समय अपनी रोजी रोटी के फेर में ना पड़े...........और अपने अशिक्षित और मूर्ख संवाददाताओं को ना उकसाए कि वे उलजुलूल स्टोरी करें और लोगों को रुपया  देकर और प्रशासन को धमका कर शो ना बनाएं......


विश्व, नेपाल और देश हित में जारी 

4-नामवर सिंह ने मोदी के साथ निवाडे को पुरुस्कृत किया ज्ञानपीठ में.......

क्या दोष है नरेश सक्सेना या विनोद कुमार शुक्ल का। चलनी क्या बोले जिसमे सौ सौ छेद !!!
दोष नही इनका भी -बुढ़ापा और फिर ज्ञानपीठ, भारत रत्न, विदेश दौरें, सलाहकार की मलाई और ना जाने क्या क्या मरने तक संभावित है !!
जियो ठाकुर , सरदार खुश हुआ ..
न, ना, नी के बीच हिंदी बनी पटरानी ... चारण , भांड और अब नया शब्द पेश है "नामवर" हुजूरे आला, कैसा है ?

क्यों बे नामवर...... अबे नामवर कही का.....
कैसी है Sandeep Meel ?? एकदम नई भाषा की आधुनिक गाली है ना ???




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