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दो मिसरे


गर हो जाता मैं कम से कम अपना भी, 


तो यकीन करो तुम तो क्या जहां मेरा होता।




कहता रहा सबसे कि जुदा हो गया हूँ पूरी दुनिया से


अब जब ये चन्द साँसे बची है तो याद आ रहे हो तुम।




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