Friday, October 12, 2012

नमन और श्रद्धांजलि डा श्रीप्रसाद जी को

अभी राजेश उत्साही से बातचीत हुई और उन्हें यह दुखद समाचार दिया और अनुरोध भी किया कि वे अपने शब्दों में हमें बताए कि डा श्रीप्रसाद जी का बच्चों के साहित्य में क्या योगदान है.......क्योकि राजेश ने उनके साथ लंबे समय तक चकमक में रहते बच्चों के साहित्य पर काम किया और श्रीप्रसाद जी जैसे कवियों के साथ बच्चों के लिए नए सृजन किये...........हिन्दी ने देश के तमाम बच्चों ने अपने लिए लिखे जानेवाले साहित्य और बाल साहित्य का सच्चा पुरोधा खो दिया ............नमन और श्रद्धांजलि डा श्रीप्रसाद जी को
 
 

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