Wednesday, December 16, 2015

Posts of 16 Dec 15


News Concept 16 Dec 15 

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16 मई 14 से लेकर अभी तक जब भी मोदी की व्यक्तिगत रूप से जब भी सार्वजनकि भद्द पीटी है उन्होंने बहुत ही घटिया तरीके से पूरी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल करते हुए अपनी छबी बनाने को कई प्रकार के उपक्रम किये ताकि तथाकथित 31 प्रतिशत लोगों की "बहुमत" वाली सरकार की देश में इमेज बनी रहे......और यह सब प्रबुद्ध लोगों को बताने की जरुरत नहीं जैसे कल सी बी आई का इस्तेमाल किया.........और यह ट्रेनिंग इन्होने कांग्रेस से ली है पिछले 60 साल सत्ता से बाहर रहकर यही तो सीखा है.....
भक्त इसे नहीं समझ सकते इसलिए भक्त यहाँ अपने दिमाग का कचरा ना फेंके, कृपया प्रबुद्ध बने पहले, हाँ संघी बौद्धिक सुनकर प्रबुद्ध नहीं बना जाता यह भी सुन लें..


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सबसे ज्यादा फजीहत बेचारे अरुण जेटली की हो रही है, एक तो पिछले दरवाजे से बेशरमी से आया है, मंत्री बना बैठा है , मोदी जी की हम्माली करता है, देश का आर्थिक भार उठाता है, अम्बानी से लेकर अडानी तक को झेलना पड़ता है और अब ये अरविन्द ने सड़क पर लाकर कचरे कर दिए उसके , इत्ते बड़े मंत्री को दिल्ली क्रिकेट एसोसियेशन में चोर बता दिया दिया......कित्ती बेइज्जती सहेगा रे आदमी हे भगवान............मतलब कोई जमीर ही बाकी नहीं रहा, फिर बन्दे में दम है पूरी तरह से ढीट बनकर कुर्सी से चिपका है .
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सबसे ज्यादा फजीहत बेचारे अरुण जेटली की हो रही है, एक तो पिछले दरवाजे से बेशरमी से आया है, मंत्री बना बैठा है , मोदी जी की हम्माली करता है, देश का आर्थिक भार उठाता है, अम्बानी से लेकर अडानी तक को झेलना पड़ता है और अब ये अरविन्द ने सड़क पर लाकर कचरे कर दिए उसके , इत्ते बड़े मंत्री को दिल्ली क्रिकेट एसोसियेशन में चोर बता दिया दिया......कित्ती बेइज्जती सहेगा रे आदमी हे भगवान............मतलब कोई जमीर ही बाकी नहीं रहा, फिर बन्दे में दम है पूरी तरह से ढीट बनकर कुर्सी से चिपका है .
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हरामजादे, रामजादे, 56 इंची सीना, सहिष्णुता से कायर और सायकोपैथ तक देश का सफर ....
सबको लाईन से नोबल शान्ति पुरस्कार दे दो।


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पहली बार किसी प्रधानमन्त्री को किसी मुख्यमंत्री ने धमकी दी कि मेरे खिलाफ सी बी आई की कार्यवाही करके देखे , मैं डरने वाला नही।
मैं इंदिरा की बहू हूँ इसलिए मुझे कोर्ट भी कुछ ना कहें- सोनिया का यह कथन भी इसी परिपेक्ष्य में देखा जाना चाहिए।
आये दिन आदित्यनाथ या अन्य मूर्ख और घटिया सांसदों द्वारा दिए जाने वाले क़ानून का मख़ौल उड़ाते बयान क्या दर्शाते है।
ये कहाँ आ गए हम, और क्या मूल्य हो गए है, कितना और गिरेंगे। आपको दुःख नही हो रहा इन सारे जन प्रतिनिधियों को देखकर - मोदी, अमित शाह, लालू, राहुल गांधी, केजरीवाल जैसे लोगों ने पूरी दुनिया के सामने देश की क्या इज्जत बनाकर रख दी है, एक ओर बुलेट ट्रेन जैसी आधुनिक सोच दूसरी ओर पत्थर युग के समान आदिम लड़ाईयां। बेहद शर्मनाक स्थिति है और आज बहुत दुखी हूँ।
अफ़सोस सिर्फ यह है कि सर्व शक्तिमान राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट आज चुप है।
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मप्र में सी बी आई क्या कर रही है और मौतों का सिलसिला क्यों बंद गया है.............
शिवराज के खिलाफ कार्यवाही कब होगी........?

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