Tuesday, February 12, 2013



बादलों की गर्जन कह रही है तुम यही कही हो एकदम मेरे पास
ये पानी की बूँदें और ये कारे-कारे मेघा जो पानी की बूँदें भर लाये है आँचल में
खेतों में फसलें खड़ी है और सब चिंतित है
कहाँ हो तुम आ जाओ सामने और फ़िर थम जाओ मेरे पास हमेशा हमेशा के लिए...........
मत गरजो मत बरसो अभी समय नहीं है ठहरो थोड़ा तो ठहरो .....

1 comment:

expression said...

वाह....
सुन्दर और सहज.....

अनु