Saturday, December 22, 2012

हिन्दुस्तान का ऐतिहासिक विरोध एक बलात्कार के विरोध में

देश के माननीय राष्ट्रपति महोदय अपने दडबे और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था से बाहर आओ और कहो कि

"मै सरकार को हुक्म देता हूँ कि बलात्कार के लिए कडा क़ानून बनाए और सजा और क़ानून में राजनैतिक हस्तक्षेप बंद होगा."
"सभी प्रदेशों में यह एक साथ लागू होगा और जिस प्रदेश में सरकार की अयोग्यता साबित होगी उस प्रदेश की सरकार तुरंत बर्खास्त कर दिया जाएगा."

और यह शुरुआत मप्र से हो क्योकि यहाँ महिलाओं के खिलाफ अपराध दर सबसे ज्यादा है पिछले बरस सबसे ज्यादा बलात्कार इसी प्रदेश में हुए है.
 
देश के माननीय राष्ट्रपति महोदय अपने दडबे और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था से बाहर आओ और कहो कि

"कि अगर सरकार यह चौबीस घंटे में नहीं करती है तो मै जन भावनाओं का आदर करते हुए देश की सभी विधानसभाओं, संसद और न्यायपालिकाओं को भंग करता हूँ"

देश को अब सरकार नहीं दबंग राष्ट्रपति की दरकार है अब समय आ गया है कि यह रबर स्टाम्प अपने होने को चरितार्थ करे और जो करोडो रूपया इस पद के चुनाव में बर्बाद होता है उसका चुकारा हो और देश की जनता को मालूम पड़े कि देश में सर्वोच्च पद क्या होता है.
 
दुनिया के सबसे बड़े प्रदर्शन में भारतीय युवाओं को सलाम
यह मेरे हिसाब से चीन के थ्येय्मान प्रदर्शन से बड़ा प्रदर्शन है
अब देश की युवा शक्ति को ये निकम्मे नेता और नपुंसक सरकारें बरगला नहीं सकती.
अब नहीं चलेगी दबंगई और टुच्ची नेतागिरी
सम्हलो भाजपा, कांग्रेस, सपा, और बासी बसपा...........
 

क्या राष्ट्रपति भवन हमारा नहीं है अंदर जाने में क्या दिक्कत है,
देश का गृह मंत्री कह रहा है कि युवा शांत रहे
हद है लाठी मारने वाली सरकार और पानी छींटने वाली सरकार नाकारा है.

मूक प्रधानमंत्रीजी  बाहर आओ अब नहीं बोले तो कभी नहीं बोल पाओगे
यही समय है जब अपनी सरकार के पिछले सभी पाप धूल जायेंगे अब तो बोलो नहीं तो कभी सरकार में नहीं आ पाओगे ............

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