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Posts of 15 Oct 15



पहले पूछा तो समझा नहीं, फिर लगा कि उफ़ कब तक और चलना होगा..........
जिन्दगी ने हंस कर कहा आओ थोड़ा और चल लो, थोड़ा रोते झीकते या संवरते हुए और चलो .........
बस अब लौटने का समय हो गया है वो देखो.............शफक छाने लगी है बस एक बार मुस्कुराकर पीछे देख लो..


सवाल तो कई थे परन्तु जवाब एक ही था और इस बात के लिए कोई और सवाल फिर नहीं पूछा गया..


गडरिये को फिर लगा कि वह विक्रमादित्य बन गया है जब वह बकरी चराते हुए उज्जैनी पहुंचा, न्याय दण्ड भी वह हाथ में लेना चाहता था, वह भूल रहा था कि वह सिर्फ शाम तक बकरियां चराने आया है, ना सिंहासन बत्तीसी उसकी है ना वह इसके योग्य भी है , ना उसके पुरखे कभी न्याय दण्ड लेकर पैदा हुए इतिहास में।
गड़रिया सिर्फ गड़रिया है - यह उसे याद रखना चाहिए इस तन्त्र का पूर्जा ना कि तन्त्र !
जग हंसाई हुई , फिर एक बार गड़रिया हार रहा था !!
नमक बहुत सस्ता है और सबसे सस्ता खून.

सन् 2019 बाजार भाव----
अरहर दाल 500 प्रति किलो 
दूध 200 प्रति लीटर 
प्याज 300 किलो

इंटरनेट 1 पैसा प्रति जीबी
आदमी मुफ़्त में ।
चुनाव का नारा आप बताओ माई बाप, अपुन का दिमाग काम नही कर रहा अब। दाल खाये एक हफ्ता हो गया प्रोटीन नही मिल रहा शरीर को !!

सरकार कह रही है कि स्किल डेवलेपमेन्ट करो और करवाओ
लो जी महाराष्टृ मे डान्स बार फिर से चालू हो गये

और आज की बड़ी खबर...........
माही की बड़ी बहन भूमि सोनी की भी कल मृत्यु हो गयी, दो दिन पूर्व माही की मृत्यु नकली कार्न खाने से हुई थी और कल उसकी बड़ी बहन भी मृत्यु के काल में समा गयी.
और अब बताईये कितने अभिभावकों ने कुरकुरे, लेस, से लेकर तमाम तरह के पैक अपने बच्चों को देने से मना कर दिया है या खरीदना बंद कर दिया है.
प्रशासन ने भूमि की कीमत पच्चीस हजार लगाई है ............आईये मप्र के कुशल प्रशासनिक अधिकारीयों की तारीफ करें........जहां लाडली लक्ष्मी योजना देश विदेश में प्रसिद्ध है और इस समय इस हिन्दू राष्ट्र में नवदुर्गा का महोत्सव चल रहा है. देवास में नवदुर्गा का उत्सव चरम पर है कम से कम दस करोड़ रूपये अभी तक इस उत्सव पर खर्च हो गए होंगे पर मात्र पच्चीस हजार के अभाव में एक बिटिया इंदौर के निजी अस्पताल के जल्लादों के हाथों मर गयी.
आईये बेटियों का गुणगान करें और उनकी पूजा करें.............
बाजार नकली सामान से भरा पडा है और हम बगैर सोचे समझे माल संस्कृति में डूबे जा रहे है और सबसे ज्यादा शिकार हमारे बच्चे हो रहे है.


अभी कौशाम्बी इलाहाबाद में थे एक अध्ययन के लिए गये थे तो वहाँ के तीन गाँवों में तो सचिन जैन ने गाँव की दुकानों का एक अध्ययन किया था और पाया था कि इन दुकानों पर बगैर गुणवत्ता वाली बिकने के लिए सामग्री उपलब्ध है जो एक से दो रूपये में मिल जाती है. इसका सबसे ज्यादा शिकार बच्चे होते है.
सचिन के अध्ययन ने बताया की लगभग सौ से ज्यादा रंग बिरंगे रैपर में यह सामग्री उपलब्ध है जिस पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं है. यह लेख तहलका और अन्य जगहों पर छापा है.
कल देवास में एक प्यारी सी बिटिया माही की तत्काल मृत्यु हो गयी और उसकी बड़ी बहन गंभीर है, ऐसी ही घटिया सामग्री खाने से. सारा देवास आज दुखी है. कुरकुरे से लेकर तमाम तरह की सामग्री और हम अभिभावक भी दो रूपये देकर बच्चों के रोने गाने से पीछा छुडा लेते है. कब समझेंगे , कब तक माही मरती रहेगी पहले ही कुपोषित है हमारे बच्चे.....
क्या कोई सरकार इस पर नियंत्रण करेगी, देवास शहर में यह घटना हुई है. विचलित हूँ कि विश्व बाजार अभी क्या क्या रूप दिखाएगा.
टेग करने के लिए मुआफी पर सन्दर्भ के लिए कर रहा हूँ.Sachin Kumar Jain
सांप देखा है कभी ..............?
कल अरविन्द ने बताया कि सांप कैसा होता है ..........एकदम हमारे जैसा और ठीक हमारी तरह व्यवहार करने वाला, बस फर्क है तो उसकी हरकतें जिससे सब दुखी है.......मै, तुम, वह, हम, सब दुखी है...

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