Tuesday, July 2, 2013

समर्थ चौधरी - सच में उसमे बहुत हिम्मत है, उसके जज्बे को सलाम.

Needs urgent support from various Associations, Clubs, Individuals, Media and Trusts for the young enthusiastic youth of Dewas who lost his both the legs in an accident held on 20 June 2013. He is admitted in Bombay Hospital Indore and going through surgeries, his condition is very critical. Friends, I and his family members are collecting donation from all possible ways,. It will be a great help if any one of you could also contribute and support this young boy of 19 yrs old and his family. 

कल बाम्बे हास्पिटल इंदौर में समर्थ चौधरी को देखने गया था समर्थ इंदौर में पढ़ रहा है २० जून को इंदौर से देवास आते समय ट्रेन में उतरने की हडबडी में उसके दोनों पाँव कट गए और अभी हालत बहुत खराब है. पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं है उसके दोस्त मदद कर रहे है चन्दा जमा कर रहे है अस्पताल प्रबंधन ने कुल खर्च अभी चार लाख का बताया है जो बढकर सात लाख तक भी पहुँच सकता है. युवा समर्थ अब अपाहिज हो गया है जो बेहद दुखद है हालांकि जयपुर फुट और आदि विकल्प मौजूद है पर तब तक समय लगेगा अभी तो उसे इलाज दवाईयां और कई प्रकार की मदद की जरुरत है जो उसके परिवार की आर्थिक स्थिति में नहीं हो सकतॆ. यदि आप में से कोइ मदद कर सके या किसी संस्था, या व्यक्ति को जानते हो तो कृपया मुझसे संपर्क करें या दिए गए मोबाईल पर संपर्क किया जा सकता है, आपकी एक छोटी सी मदद भी समर्थ को समर्थवान बनायेगी आपकी और यह युवा देख रहा है. कृपया जरुर कर सके तो करें

नवीन उपाध्याय : +91-898989-7929
राहुल वागड़े : +91-89894 -20947
+91- 94259-19221


AMIT CHOUDHARY
DENA BANK
Saving A/C No - 118510026571
IFSC Code - BKDN0811185


or you can deposit in my Saving A/C of
SANDIP NAIK
ICICI Bank Ac No 629401518977
Nehru Place branch New Delhi.

समर्थ को इंदौर के बाम्बे अस्पताल में देखकर आ रहा हूँ अभी उसकी हालत वैसे तो ठीक है परन्तु अभी दो तीन आपरेशन होना बाकी है. उससे बात करने जब पहुंचा तो उसका ड्रेसिंग चल रहा था और उसकी चीखें पुरे वार्ड में गूँज रही थी, पाँव जितने दुर्घटना में कटे थे अस्पताल ने इन्फेक्शन को देखते हुए और छोटे कर दिए है और दाए पाँव में अभी घाव बढ़ रहा है इसलिए शायद डाक्टर और छोटा कर दे इस पाँव को फिर से. समर्थ से बात करते हुए मैंने कहा कि बाहर बहुत सारे लोग तुम्हारे लिए प्रार्थनाएं कर रहे है मदद कर रहे है और दूर दूर से साथी लोग तुम्हे वापिस देवास में अपने घर पर देखना चाहते है. मैंने कहा कि जिस हिम्मत से तुमने सारा सम्हाला है और आई सी यु से बाहर आकर स्वस्थ हो रहे हो यह काबिले तारीफ़ है चूँकि समर्थ को फिल्मों का शौक है इसलिए मैंने उसे कहा "जल्दी आ जाओ देवास ताकि हम सब मिलकर राँझना फिल्म देखने चले. वो बहुत धीमे से मुस्कुरा दिया. दोस्तों आपकी मदद भी चाहिए और मदद से ज्यादा दुआएं, हम सब लोग उसके घर वापिस आने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे है. कई डाक्टरों से मैंने बात की है, सच में उसमे बहुत हिम्मत है, उसके जज्बे को सलाम.

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