Thursday, March 31, 2011

एनजीओ पुराण भाग अठारह

आज वडगाँव में गए थे एक आदमी से मिले जिसका नाम रावण था पुछने पर उसने बताया की बचपन में उसका नाम श्रावण था पर लोगो ने रावण कर दिया , तब से आज ५५ वर्षो से वो इसी नाम के साथ ज़िंदा है. दस्तावेजो में भी वो रावण ही है, कितना मुश्किल है गलत नाम के साथ जीना और वो भी ऐसे नाम के साथ जो समाज में निंदनीय हो . शर्मनाक है यह सब और धन्य है श्रावण जो सबके बाद भी खुश है (इतिश्री एनजीओ पुराण भाग अठारह समाप्त )

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