Wednesday, March 30, 2011

एनजीओ पुराण भाग सत्रह

ये देश का बड़ा नामी गिरामी संस्थान था जहां खूब समाज सेवा का काम भी होता था और देश के भावी रेडिकल चेंज एजेंट तैयार होते थे, सिगरेट, दारू और धूए के बीच में नयी पीढ़ी देश के लिए प्लान बनाती थी, और दिनभर अपने इशक में डूबी रहती थी हाँ इस सबमे हदे पार हो जाना कोइ नई बात नहीं थी, इसे देश में बदलाव की बयार के रूप में देखा जाता था, हाँ इससे बेचारे छोटे शहरों से आये लोगो को बड़ा अजीब लगता था पर उनकी सुनता कौन था(इतिश्री एनजीओ पुराण भाग सत्रह समाप्त)

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