Friday, March 25, 2011

एनजीओ पुराण भाग पांच

यह देश का विचित्र समय था जब बेरोजगारी भीषण हो गयी थी नौजवानो को काम नहीं था, तो सात दोस्तों ने एक बिसिनेस करने का सोचा, खूब विचार करने की बाद उन्होंने तय किया कि एक एनजीओ डाला जाए - समाज सेवा की समाज सेवा और रुपये का रुपया साथ में शोहरत अलग से मिलेगी, पुण्य तो पक्का है.( इतिश्री एनजीओ पुराण भाग पांच समाप्त)

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