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Khari Khari and other Posts of 26 Jan 2022

जिस देश में गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस पर जनपथ, राजपथ या लालकिले पर जाकर समारोह देखने को रोकने के लिए सत्ता अपने ही नागरिकों से डरकर किलेबंदी कर दें उस देश की आजादी व्यर्थ है और शासक डरपोक

इतने हथियारों का प्रदर्शन करना और इसके ठीक विपरीत यह डरपोक रवैया दर्शाता है कि आजादी अभी सिर्फ एक वर्ग को ही मिली है - सिर्फ बड़बोलेपन में भाषण पेलना सरकार नही होता हुजूर ; लोगों को अभिव्यक्ति, समता, आजादी, काम, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क, बिजली, पानी की मूल सुविधाएँ भी देनी पड़ती है - सिर्फ अम्बानी अडानी को देश बेच देने से आजादी की नुक्ती सबमें नही बंट जाती
"मोदी बदलो - देश बदलो" यही असली गणतंत्र है
***
|| " मोदी बदलो - देश बदलो अर्थात ही गणतंत्र ||

नरेंद्र मोदी सरकार ने सन 2014 से देश के हर वर्ग का जितना नुकसान किया उतना किसी ने नही किया है
बिहार और उत्तर प्रदेश के साथ साथ रेलवे ने जो देशभर के युवाओं के साथ धोखा किया है और बाद में जिस तरह से डंडे मारे जा रहें है, लॉज में घुसकर जो अत्याचार किया जा रहा है वह निंदनीय है, करोड़ो की नौकरी देने के बजाय इस सरकार ने लोगों को नंगा करके भूखा मरने को मजबूर कर दिया है युवा से लेकर व्यापारी और कर्मचारी से लेकर दिहाड़ी मजदूरी करने वाले भी त्रस्त है इन दो व्यापारियों के कारण जिन्होंने सबको बेच दिया और खुद दस लाख के सूट पहनकर घूमते है बेशर्म , नौकरी व्यवसाय बढ़ाने या देने के ये मूर्ख प्रतिमाएं लगाकर देश का सीमित रुपया बर्बाद कर रहें है, कुपढ अनपढ़ और गंवारों ने शिक्षा से लेकर हर क्षेत्र का सत्यानाश कर दिया
नोटबन्दी से लेकर जो भी काम किये उससे किसी एक का भी भला हुआ हो तो बताएँ और दूसरे कार्यकाल में सिवाय चुनाव जीतने और साम्प्रदायिक विद्वेष घोलने के कुछ और किया हो तो बताये, युवा बेरोजगार बैठे है, चालीस साल तक की उम्र हो गई है - नौकरी धंधे है नही और सम्भावना भी नही नजर आ रही और ये धूर्त देश को बरगला रहे है ऊपर से पुलिस का नाजायज इस्तेमाल करके अपनी सत्ता बनाये रख रहें है - शर्म आती है ऐसे कुशासकों पर , मणिशंकर अय्यर ने सही बोला था
अब समय आ गया है कि जेपी ने जिस तरह से आंदोलन कर देश में अलख जगाया था, युवाओं के आंदोलन से तत्कालीन सरकार को जिस तरह से हटना पड़ा था, सिंहासन से उखाड़ फेंकना ही अब इस सरकार का ट्रीटमेंट है और ये लोग इसी लायक है, जब युवा संगठित हो जाएंगे और दलगत घटियापन से निकलकर अपने निजी हित और जीवन के बारे में सोचेंगे तभी यह देश सुधरेगा तब देशभक्ति को रखों किसी कोने में
युवाओं के साथ हम सब है और इस देश बेचूँ निर्मम और अम्बानी अडानी की कठपुतली सरकार को वोट के जरिये हटाया जाए, राष्ट्रपति क्या कर रहे है यह समझ से परे है
नरेंद्र मोदी सरकार देश हित में नही है और जिस तरह से कोरोना की आड़ में खेल चल रहा है वह भी घातक है, इन लोगों ने कोरोना के नाम पर देश खोखला कर दिया
जब तक मोदी सरकार नही बदलेंगे तब तक कुछ नही होगा, ये संविधान तक बदलने को उतारू हो गए है कुपढ तानाशाह
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◆ पुष्पा
◆ जयभीम
◆ श्याम सिंघा राय
बकवास फिल्में है - ना कथ्य, ना कहानी और ना फिल्मांकन - विशुद्ध टाइमपास
और नाम में क्या रखा है

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