समझ तो गए ही होंगे ________ ताजी पीली हल्दी की शुद्ध और घर बने हुए घी में सब्जी बनाई गई, औषधि और स्वाद से भरपूर - साथ ही मौसम की दुर्लभ सब्जी बस एक प्रयोग किया इसको बनाने में और वह सफल रहा, कोई पेटेंट मत करा लेना क्या किया, कैसे बनी हल्दी को धोकर, छीलकर, कद्दूकस कर लिया, घी में खूब भुना और फिर ताजे हरे प्याज को बारीक काटकर, मटर, अदरख और हरी मिर्च को दरदरा पीसकर अलग से भुन लिया घी में, ध्यान रहें लहसून और कोथमीर यानी ताजा धनिया बिल्कुल भी नहीं डाला है इस सब्जी में मैंने बाद में घी में राई, जीरे और मैथीदाने का बघार डालकर हल्दी, मटर, प्याज एवं मिर्च के मिश्रण को भी घी वाली बघार में डाल दिया, नमक मिर्च गरम मसाला डालकर दस मिनिट पकने दिया, फिर डाला खूब सारा मावा यानी खोवा और अमूल का क्रीम फेंटकर डाल दिया, दस मिनिट और पकाया, लो जी हो गई, बन गई सब्जी अहा, क्या खुशबू और क्या स्वाद, चार दिन तक घर भर यही खायेगा चटनी की तरह, क्योंकि गर्म बहुत होती है पर इस मौसम में यह दिव्य स्वाद ना लिया तो क्या ख़ाक जिया _______ अभी रुको जरा अंबी हल्दी और पीली हल्दी को छीलकर एवं बारीक काटकर नींबू के रस में काले न...
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