प्रदेश के इस उन्नत इलाके में उसकी चार दुकाने थी चारों के पास लायसेंस थे और देश विदेश का पैसा वो जमके लेता था, हां ये बात और थी की उसकी इमेज दुकानदारों के बीच बड़ी खराब थी, क्योकि वो काम के नाम पर मक्कारी करता था और शोषण भी करता था, एक बार पानी रोकने के ठेके में एक पुलिस वाले अधिकारी के चक्कर में आ गया, दूकान और अपनी इज्जत मुश्किल से बचाकर भागा और आज तक भाग रहा है जय हो समाज सेवको की (एनजीओ पुराण भाग ४०)
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