Skip to main content

Posts

Man Ko Chiththi and other Posts from 31 March to 2 April 26

"मुंबईया फिल्म उद्योग के भांड और वैश्विक कलाकार" _______ हमारे यहां कंगना रनौत जैसी गंवार और विशुद्ध मूर्ख से लेकर बाकी हेमामालिनी तक की मूक बधिर लोगों की फौज है, मूर्ख अक्षय जैसे लोग है जो पूछते है कि आप आम काटकर खाते है या छीलकर, लिएंडर पेस है - जो अंधभक्त होकर दक्षिणपंथ को ज्वाईन कर लेते है, दलाल मीडिया है जो विधायक सांसद और पार्षदों के टुकड़ों पर पलकर कुत्तों की तरह उनके पीछे कैमरे उठाए दौड़ते है, उनका हगा - मूता चाटकर पेट भरते है तभी ना गत बारह वर्षों में एक भी प्रेस वार्ता नहीं हुई वही अमेरिका की सदाबहार अभिनेत्री मैरिल स्ट्रीप है जो मूर्ख डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में मूल सवाल उठाती है और बगैर भय के ट्रंप को सवालों के बीच खड़ा करती है, हमारे परिधान को तो नौटंकी करने और शूट करने से फुर्सत नहीं मिल रही, पूरी दुनिया और अपना देश गैस, पेट्रोल और डीजल के साथ महंगाई से जूझ रहा है और वो अमर होने के नुस्खे शूट कर रहा किसी भांड की तरह कपड़े बदल बदलकर महिलाओं के बीच _______ मेरिल ने कहा आप परिवारों को तबाह कर रहे हैं और इसे राजनीति कह रहे हैं। हमें ऐसा नहीं होना चाहिए।" ट्रम्...
Recent posts

Drisht Kavi and Other Posts from 18 to 30 March 2026

देवास में एक घटिया स्कूल है और फर्जी आईआईटी कोचिंग के नाम पर फीस बटोरने वाला प्रॉक्सी स्कूल है - जिससे रोज वाट्सअप पर संदेश आते रहते है, एक घटिया लड़का जो खुद वर्षों तक बी ई पास नहीं कर सका वो जनता को बेवकूफ बनाकर धंधा कर रहा है जिसके अश्लील वीडियो चर्चित हुए थे देशभर में इन कमीनों को पचास बार बोला कि "मेरे निजी नम्बर पर संदेश भेजकर नम्बर का इस्तेमाल ना करें, यह मेरी निजता में दखल है" - पर सुनते नहीं, आज आखिर सीधे बात की उस दो कौड़ी के बीई फेल के किसी बाबू से और बोला कि "यदि अब मैसेज आया तो थाने में रिपोर्ट करूंगा कि मेरी निजता में दखल हो रहा है, और संविधान के अनुच्छेद 21 का वायलेशन हो रहा है" आए दिन ये कंपनी वाले और विभिन्न संस्थाओं के लोग, जूते-चप्पल से लेकर कपड़े बेचने वाले, लोन देने वाले मैसेज और फोन करते रहते है, सुप्रीम कोर्ट को इन नालायकों के खिलाफ कार्यवाही करना चाहिए़ जब इसे कोई जानता नहीं था तब तत्कालीन नवभारत ने इससे अकूत चंदा लेकर विज्ञापन छापे थे , फिर भास्कर और नईदुनिया ने यह परम्परा निभाई, बाद में अब कुछ स्थानीय टटपूँजिया पत्रकार, लोकल चैनल के दलालों ...

Khari Khari, Man Ko Chithti, Drisht Kavi and other Posts from 9 to 16 March 2026

"रंग बिरंगे अलबम" यह मेरी बहुत पुरानी कविता है जो मैंने विद्या भवन, उदयपुर में एक प्रशिक्षण संपन्न करवाने के बाद दिसंबर 1997 में लिखी थी, यह सिर्फ अंश है बाद में इसे व्यवस्थित कविता के रूप में पूरा किया था, अलबम कभी लगाऊंगा या शायद फेसबुक के नोट्स में है बहुत पुरानी कविता है जो उस समय के नईदुनिया इंदौर के दीवाली विशेषांक में और बाद में कई अन्य पत्रिकाओं में छपी थी आज मित्र Anamika Shukla ने इसे भेजा तो कितनी ही स्मृतियाँ बरबस ही आँखों के सामने आ गई बहुत शुक्रिया अनामिका *** तुम्हें मदद के लिए जब दुहाई देने लगा तुम्हारी आंख में क्या है दिखाई देने लगा चला था ज़िक्र मेरी ख़ामियो का महफ़िल में जो लोग बहरे थे उनको सुनाई देने लगा मैं उसके झूठ की ताईद करने आया था मैं उसके झूठ पर ख़ुद ही सफ़ाई देने लगा ज़मीर बेच के लौटा जब ऊंचे दामों पर जो रास्ते में मिला वो बधाई देने लगा • सलीम सिद्दीक़ी *** छोटे कस्बों के मीडिया और स्थानीय चैनल सिर्फ हिंदू - मुस्लिम मुद्दों पर ही चल रहे है - पार्षदों, विधायकों और सांसदों के प्रवक्ता बनकर ये मीडिया प्रतिनिधि अराजक हो जाते है और बाज दफे शहरों की हवा...