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Khari Khari, Man Ko Chithti, Drisht Kavi and other Posts from 7 to 10 June 2026

हर धर्म का अर्थ है मौन हो जाना, सुकून, शांति, दूसरों के जीवन में खलल ना डालना, अपने भीतर की ओर यात्रा करना, सद्कर्म करना और नेकी की राह पर चलना , पर हो क्या रहा है - मै, आप और हम सब जानते है, देख रहे है - पर कर कुछ नहीं रहें पहले होगी सुबह की आरती, फिर दिन भर कर्कश आवाज में भागवत और उसके बाद शाम होते होते दो घंटे की बेसुरों की आवाज में आरती, उसके बाद युवाओं के धींगा मस्ती वाले गाने और आखिर में पंडित पागल हो जाता है और भारत माता से लेकर जय सियाराम के नारे लगाते हुए उन्मत्त हो जाता है ऐसे ही सुबह से दिन में पांच बार नमाज़, गुरबाणी और बाकी प्रकार के रस रिवाज, शादी के जुलूस, मैयत, गंगा पूजन, मिलादुन्नबी के जुलूस, या सड़कों पर अवांगार्द भीड़ जो झंडे उठाये ट्रैफिक जाम करते चलती रहती है बारहों मास आसपास रहने वाले मतलब मर जाए मंदिर मस्जिद के, हमारे बचपन में इतना भौंडापन और धर्म के नाम पर हिंसक व्यवहार नहीं था, गणेशोत्सव से लेकर तमाम त्योहार मनाये जाते थे, ईद हो, मुहर्रम, क्रिसमस हो या कोई गुरू पर्व इस सबमें सारे बेरोजगार से लेकर कॉलोनी या मल्टी के रिटायर्ड अंकल और मुंह में गुटखा फंसाए धार्मिक...
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Khari Khari, Man Ko Chiththhi and other Posts from 5 to 8 JUne 2026

AIBE-21 की परीक्षा और हमारी कानूनी शिक्षा ______ AIBE (ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन) की परीक्षा प्रत्येक वर्ष बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित की जाती है, जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशन में संपन्न होती है, इस परीक्षा में देशभर के लाखों विधि स्नातक भाग लेते हैं और सफल होने पर उन्हें अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस करने का प्रमाणपत्र प्राप्त होता है यह परीक्षा वर्ष 2010 से आयोजित की जा रही है, ताकि देश में गुणवत्तापूर्ण विधिक सेवाएँ प्रदान करने वाले योग्य अधिवक्ता न्यायालयों तक पहुँच सकें, आज स्थिति यह है कि अनेक लोगों को कानून की बुनियादी समझ तो दूर, ठीक से हिंदी या अंग्रेज़ी पढ़ना-लिखना भी नहीं आता, वे केवल नकल अथवा औपचारिक डिग्री के सहारे आगे बढ़े हैं, इसलिए यह आवश्यक था कि विधि के क्षेत्र में योग्य, अध्ययनशील और सक्षम लोग आएँ आज एक और चिंताजनक प्रवृत्ति देखने को मिल रही है, कुछ लोग केवल लॉ की डिग्री लेकर समाज में रौब जमाने, लोगों को डराने-धमकाने अथवा विभिन्न प्रकार के निजी लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से अधिवक्ता बनना चाहते हैं, ऐसे लोगों के लिए कानून एक पेशा नहीं, बल्कि अपने ...

Khari Khari, Man Ko Chiththi and other posts from 30 May to 1 June 2026

हमारे देवास गांव (सॉरी जिला मुख्यालय) के बिजली विभाग वाले पिछले चार - पांच दिन से रोज सुबह छह बजे से कभी ग्यारह, कभी बारह और आज दस बजे तक यानी छह - सात घंटा रोज मेंटेनेंस के नाम पर बिजली काट रहे थे कि बरसात में हम सम्मानित उपभोक्ताओं को कोई कष्ट ना हो, और बेचारों की किस्मत देखो - आज दस बजे बिजली आई ही थी कि दो - चार बार फिर चाय पीने चली गई, और अभी तेज हवा चल रही तो आधे घंटे काफी हाउस में डोसा खाने गई है, लंच टैम से ज्यादा हो गया तो भूख लगी होगी बिजली रानी को भी - फिर बरसात का भरोसा नहीं, खाना तो होना कि नई फोन तो उठाकर रख ही देते है बेचारे, हम लोग उन्हें परेशान कर देते है, साला हजार - दो हजार रुपया माह का बिल भरकर जैसे खरीद लिया हो उन्हें , इसलिए फोन उठाकर रखना मेरे कूँ तो एकदम वाजिब लगता हैगा अब आप हो बोलो गलत बोला क्या मैं कैसे जीबो रे *** हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री डाक्टर मोहन यादव की भाषा से समझ गया कि उन्होंने राजनीति विज्ञान में सच में विक्रम विवि उज्जैन से पीएचडी की है और वे उच्च शिक्षा मंत्री थे उसके बाद इस समय प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री है लिख रहा हूँ ताकि सनद रहें जुब...

Khari Khari and other Posts from 27 to 30 May 2026

आरती, अजान, गुरुबाणी का पाठ या चर्च में कैरोल गाने वालों की आवाज ठीक हो तो बढ़िया नहीं तो धर्म को जिस तरह से बड़े - बड़े भोंपू लगाकर अपनी जाति, वर्ग या समुदाय या सबको जो पुण्य बांटने का कार्य है ना उसके बजाय इन सभी बेसुरों को भयानक पाप लगेगा, मतलब रोज - रोज एक ही तरह की किताब से वही - वही चीखते - चिल्लाते है और कर्कश स्वरों से पूरे माहौल का कबाड़ा कर देते है, कितनी कमजोर याददाश्त है कि सदियों से वही गा - बजा रहे हो फिर भी जीवन में अमल नहीं करते आखिर कब तक वही सब दोहराते रहेंगे, नया क्यों नहीं रचते, ऐसे ही भागवत सुनाने वाले लोग भी कितने वर्षों से एक ही तरह की कहानी कर्कश आवाज में सुनाकर धर्म का नुकसान कर रहें है, कितने अज्ञानी है ये लोग कि अपनी ही भौंडी आवाज को पहचानते नहीं और अपनी आवाज के साथ ढोल मंजीरे और संवादिनी की आवाज भी इतनी बढ़ा देते है कि पूछो मत हर आरती, अजान या अन्य में आखिर में आते आते ये लोग माइक के सामने लगभग विक्षिप्त हो जाते है और एक ही बात, स्लोगन या नारे को इतना दोहराते है कि लगता है उन्माद और पागलपन का दौरा पड़ा है, इनके साथ वाली भीड़, बच्चे भी अपना दिमाग गिरवी रखकर प...

Khari Khari, Man Ko Chiththii and other Posts from 25 to 27 May 2026

माननीय सुप्रीम कोर्ट आज SIR को वैध कर देगा किस्सा खत्म, कल्लो आपको जो करना है, उखाड़ लो - जो उखाड़ना है, इत्ते पढ़े लिखें और वरिष्ठ अधिकारी ज्ञानेश बाबू क्या गलत करेंगे, क्या बो देस पीरेमी नई है, और पद पर बने रैने के लिए सरकार का थोड़ा सा काम कर दिया तो क्या गलत किया और फेर की फर्क पैंदा पाजी, तुसी नाराज मत हो यारा और सुन लो, अब नागरिक होने की पहचान केचुआ ही करेगा, जिसका नाम SIR में ज्ञानेश सर ने नहीं लिखा - वे देश छोड़कर चले जाएं, हाँ नई तो महंगाई बढ़ रही इनकी वजह से सबको राज्यसभा अच्छी लगती है - इसलिए सर्फ एक्सेल वाले दाग़ अच्छे है #खरी_खरी *** गणित, भाषा, विज्ञान, नागरिक शास्त्र, इतिहास, कला, संगीत, वाद्य, व्यवहार, नैतिकता, मूल्य बोध, और वो सब सीखता रहा - जो जीवन चलाने के कौशल और दक्षताओं में शामिल था, इन्हीं का इस्तेमाल करके आवश्यकता अनुसार अकिंचित सी लक्ष्मी कमाई और बाद में शिक्षक की भूमिका में भी रहा लंबे समय तक, अपने चालीस वर्षीय व्यवसायिक जीवन में पंद्रह वर्ष स्कूल, निजी कॉलेज, फिर दो - तीन स्कूल्स में प्राचार्य भी रहा और बच्चों को युवाओं को विज्ञान, अंग्रेजी सीखाई, सामाजिक क्षेत्र ...