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Khari Khari, Drisht Kavi, Man Ko Chiththi and other Posts from 8 to 16 June 2026

मेरे भीतर वो सब शेष है - जो मैं भूल जाना चाहता हूँ, मैं जो भी बाहर निकाल कर फेंकना चाहता हूँ मन मस्तिष्क से - वह गर्द की तरह ढूह के रूप में जमा हो रहा है, मैं अपने सबसे अच्छे पलों को यादों की शिधोरी बनाकर रखना चाहता हूँ और बाकी वह जो तकलीफदेह है - उसे त्यागना चाहता हूँ, पर हो उल्टा रहा है, जो बीत गया है उस पर पर्दा डालने को हर सिद्ध पुरुष कहता है, आँखें भी सामने है - यदि हर पिछला अतीत सच में स्मरण में रखकर काम आता जीवन के पथ पर तो कम से कम एक आँख तो गर्दन के पीछे होती ही होती, इस समझ के बाद भी हम अतीत को याद रखने में ही सबसे ज्यादा ऊर्जा खत्म कर रहें है - इतने कि लगभग एक नास्टेल्जिया हर वक्त हम पर हावी रहता है और उम्र गुज़र जाती है रेशा - रेशा जो बीत गया है - अभी वही मुझमे सबसे ज्यादा बाकी है और मैं इसे छोड़ना चाहता हूँ, इसी पसोपेश में जीवन गुजर रहा है, वह सब भूलना चाहता हूँ जो चेहरे, मोहरे, दाग, व्यवहार, भाषा और चरित्र से सामने आता है और मैं हर बार अचकचा जाता हूँ, इसका कोई तो इलाज होगा यह खोजते हुए इस नतीजे पर पहुंचा हूँ कि मिलते समय सामने वाले को नकारने से शुरू करूँ और पूछूँ कि - ...
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Khari Khari, Man Ko Chithti, Drisht Kavi and other Posts from 7 to 10 June 2026

हर धर्म का अर्थ है मौन हो जाना, सुकून, शांति, दूसरों के जीवन में खलल ना डालना, अपने भीतर की ओर यात्रा करना, सद्कर्म करना और नेकी की राह पर चलना , पर हो क्या रहा है - मै, आप और हम सब जानते है, देख रहे है - पर कर कुछ नहीं रहें पहले होगी सुबह की आरती, फिर दिन भर कर्कश आवाज में भागवत और उसके बाद शाम होते होते दो घंटे की बेसुरों की आवाज में आरती, उसके बाद युवाओं के धींगा मस्ती वाले गाने और आखिर में पंडित पागल हो जाता है और भारत माता से लेकर जय सियाराम के नारे लगाते हुए उन्मत्त हो जाता है ऐसे ही सुबह से दिन में पांच बार नमाज़, गुरबाणी और बाकी प्रकार के रस रिवाज, शादी के जुलूस, मैयत, गंगा पूजन, मिलादुन्नबी के जुलूस, या सड़कों पर अवांगार्द भीड़ जो झंडे उठाये ट्रैफिक जाम करते चलती रहती है बारहों मास आसपास रहने वाले मतलब मर जाए मंदिर मस्जिद के, हमारे बचपन में इतना भौंडापन और धर्म के नाम पर हिंसक व्यवहार नहीं था, गणेशोत्सव से लेकर तमाम त्योहार मनाये जाते थे, ईद हो, मुहर्रम, क्रिसमस हो या कोई गुरू पर्व इस सबमें सारे बेरोजगार से लेकर कॉलोनी या मल्टी के रिटायर्ड अंकल और मुंह में गुटखा फंसाए धार्मिक...

Khari Khari, Man Ko Chiththhi and other Posts from 5 to 8 JUne 2026

AIBE-21 की परीक्षा और हमारी कानूनी शिक्षा ______ AIBE (ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन) की परीक्षा प्रत्येक वर्ष बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित की जाती है, जो माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशन में संपन्न होती है, इस परीक्षा में देशभर के लाखों विधि स्नातक भाग लेते हैं और सफल होने पर उन्हें अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस करने का प्रमाणपत्र प्राप्त होता है यह परीक्षा वर्ष 2010 से आयोजित की जा रही है, ताकि देश में गुणवत्तापूर्ण विधिक सेवाएँ प्रदान करने वाले योग्य अधिवक्ता न्यायालयों तक पहुँच सकें, आज स्थिति यह है कि अनेक लोगों को कानून की बुनियादी समझ तो दूर, ठीक से हिंदी या अंग्रेज़ी पढ़ना-लिखना भी नहीं आता, वे केवल नकल अथवा औपचारिक डिग्री के सहारे आगे बढ़े हैं, इसलिए यह आवश्यक था कि विधि के क्षेत्र में योग्य, अध्ययनशील और सक्षम लोग आएँ आज एक और चिंताजनक प्रवृत्ति देखने को मिल रही है, कुछ लोग केवल लॉ की डिग्री लेकर समाज में रौब जमाने, लोगों को डराने-धमकाने अथवा विभिन्न प्रकार के निजी लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से अधिवक्ता बनना चाहते हैं, ऐसे लोगों के लिए कानून एक पेशा नहीं, बल्कि अपने ...

Khari Khari, Man Ko Chiththi and other posts from 30 May to 1 June 2026

हमारे देवास गांव (सॉरी जिला मुख्यालय) के बिजली विभाग वाले पिछले चार - पांच दिन से रोज सुबह छह बजे से कभी ग्यारह, कभी बारह और आज दस बजे तक यानी छह - सात घंटा रोज मेंटेनेंस के नाम पर बिजली काट रहे थे कि बरसात में हम सम्मानित उपभोक्ताओं को कोई कष्ट ना हो, और बेचारों की किस्मत देखो - आज दस बजे बिजली आई ही थी कि दो - चार बार फिर चाय पीने चली गई, और अभी तेज हवा चल रही तो आधे घंटे काफी हाउस में डोसा खाने गई है, लंच टैम से ज्यादा हो गया तो भूख लगी होगी बिजली रानी को भी - फिर बरसात का भरोसा नहीं, खाना तो होना कि नई फोन तो उठाकर रख ही देते है बेचारे, हम लोग उन्हें परेशान कर देते है, साला हजार - दो हजार रुपया माह का बिल भरकर जैसे खरीद लिया हो उन्हें , इसलिए फोन उठाकर रखना मेरे कूँ तो एकदम वाजिब लगता हैगा अब आप हो बोलो गलत बोला क्या मैं कैसे जीबो रे *** हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री डाक्टर मोहन यादव की भाषा से समझ गया कि उन्होंने राजनीति विज्ञान में सच में विक्रम विवि उज्जैन से पीएचडी की है और वे उच्च शिक्षा मंत्री थे उसके बाद इस समय प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री है लिख रहा हूँ ताकि सनद रहें जुब...