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Khari Khari, Drisht Kavi, Man Ko Chithti, Prashasan Puran, NGO Puran, Open Shelf and other Posts from 26 Oct to 1 Nov 2026

वोट चोर - गद्दी छोड़ समय आ गया है कि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ज्ञानेश कुमार को तुरंत अपने पद से हटाएं क्योंकि इतना हंगामा खड़ा होने के बजाय इस अधम नीच को हटाना जरूरी है और बाकी तो वोट से जीत लेंगे और यदि राष्ट्रपति यह नहीं करती है मोदी शाह के दबाव में तो सीजेआई स्वत: संज्ञान लेकर राष्ट्रपति से मिलें और आपातकाल लगाने की तगड़ी अनुशंसा करें पर सूर्यकांत यह करेंगे नहीं क्योंकि सौजन्यता से सब खुश रहते हैं कुछ होगा नहीं क्योंकि नीच और घटिया लोगों का कोई ईमान नहीं और सत्ता के लिए जो छह दशक तक भूखे रहें और हिंदू मुस्लिम करते रहें वे शराफ़त, ईमानदारी और नैतिकता खो चुके है जनता का विश्वास खत्म हो गया है इन्हें शराफत से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए #खरी_खरी *** कितना खतरनाक निकला पप्पू आज पूरी भाजपा को दस्त लग रहे है और दिल्ली सम्हाले नहीं सम्हल रही, भाजपा के सारे टॉमी, कल्लू, कालू, मोती, शेरू, भूरू, रोजी, चेरी, सोनम और सड़ेले हड़के कुत्ते मैदान में है पर नहीं सम्हाल पा रहें दिल्ली और अब देश का बच्चा - बच्चा जान गया है,संघ अलग मजे ले रहा है दो गुजरातियों का और सारे आनुषंगिक संगठन मोदी की तानाशाही के खिल...
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Khari Khari, Man Ko Chithti and other Posts from 24 to 25 Oct 2026

कांग्रेस का जब जब कुर्सी के पास जाने का समय आता है कोई ना कोई कांग्रेसी ही सत्यानाश कर देता है • दिग्विजय सिंह - सद्दाम हुसैन जी • मणिशंकर - नीच और अब • खड़गे - मोदी का बाप जायेगा क्या करें राहुल और प्रियंका , और भाजपा यह सब चुनाव में भुनाने के लिए विशेषज्ञ है ही, भुगतो अब ; वैसे लोकतंत्र में यह भाषा मोदी, अमित शाह से लेकर योगी, मनोज तिवारी, निशिकांत दुबे आदि लगातार बोल रहे है, पर कांग्रेस ने बोला तो गलत हो गया फेल प्रोडक्ट तो असल में नरेंद्र मोदी है, पर कल बोला राहुल को और यह बात किससे पूछनी चाहिए - यह लिखने की आवश्यकता नहीं है पूरे देश को पता है कि कौन फेल है और कब से है बहरहाल, भाषा की शुचिता अभी और गिरेगी चुनाव आने दीजिए जरा *** सिर्फ पंद्रह पैसे का था - ना डाटा चोरी का डर - ना गोपनीयता भंग होने का खौफ़ और बहुतायत में उपलब्ध और सहज - सरल मार्ग से पहुंच भी जाता था हर तरफ और हर जगह कितनी ही कहानियां, खून के आँसू लिखे गए इस पर और अनगिनत किस्से जो कभी पूरे हुए और कभी नहीं पर किसी ने साथ नहीं छोड़ा ना शिकायत की, आखिरी में एक बिंदु तक भर - भरकर लिखा गया इस पर, सब खत्म हो गया जीवन बदलता है,...

Khari Khari - Posts from 19 to 24 Oct 2026

फिल्म उद्योग भारत में हमेशा निशाने पर रहा है और कारण बहुत साफ है कि अंधाधुंध रूपया और कमाई के साथ काले धंधों का जखीरा पर इस सबमें दुखद यह है कि हम जो मेहनतकश लोग है - उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा -जो टैक्स के रूप ने हम सरकार को देते है, वह इनकी सुरक्षा पर खर्च होता है इनके काले कारनामों से ये हमेशा ही खतरे में रहते हैं और हमें मूल सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है, अब "ज़ेड" श्रेणी की सुरक्षा कोई मजाक नहीं, पर इन्हें दी जा रही है, इनका समाज या देश के विकास में क्या योगदान है - सिवाय भाँडगिरी करने के या आम कैसे खाते है जैसे घटिया सवाल पूछने के अलावा यह सिर्फ फिल्मी उद्योग ही नहीं, बल्कि धार्मिक गुरुओं, रामदेव से लेकर उन तमाम नेताओं पर भी सवाल है - जो इस श्रेणी की सुरक्षा का लाभ ले रहे है - जैसे मप्र में नरोत्तम मिश्रा जो अभी विधायक, मंत्री तो दूर एक पार्षद या किसी पंचायत के पंच भी नहीं, पर ज़ेड श्रेणी की सुरक्षा के साथ भोपाल में सरकारी बंगला धारण किए हुए है सलमान हो, अक्षत, अक्षय या अमिताभ या ये कल का टाईगर या टामी श्रॉफ - इनको क्या जरूरत है और क्यों इन पर इतना फोकस, क्या यह नेताओं क...