इक मुद्दत से मेरी माँ नहीं सोई ताबिश मैंने एक बार कहा था मुझे डर लगता है.. घर के दरवाजे खोल रखे है मैने,,,, देखते है कौन आता है मुझे मनाने के लिए,,,,,,,,, ये दर्द अपना है ,किसी गैर का नहीं जख्म है , भर जाने दो ... मरहम लगाने कोई आएगा नहीं ...
The World I See Everyday & What I Think About It...