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नर्मदा किनारे से बेचैनी की कथा II

माननीय प्रातः स्मरणीय श्री एन डी तिवारी जी के अदम्य साहस को प्रणाम और उनकी हिम्मत को जो लगातार नकारती रही रोहित को, और उस जज्बे को जिसने बत्तीस साल तक एक बाप को छुपा रखा जमाने से............अब सवाल यह है आने वाले बत्तीस सालों में कितने रोहित होंगे मेरा मतलब है आज के नेता आने वाले समय में क्या गुल खिलाएंगे............देश में कितने रोहित........अब सरकार को डी एन ए टेस्ट की प्रकिया को सरल और विकेन्द्रित ढंग से करना चाहिए और सभी पंचायत स्तर पर परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करना चाहिए............हमारे पास एनआरएचएम में "अन्टाईट" फंड होता ही है, बस कर दो स्थापित, म् प्र में तो जगह जगह जीवन आरोग्य केंद्र खुल ही रहे है बस देश भर में इस मॉडल को रेप्लीकेट करते हुए डी एन ए टेस्ट भी शुरू कर दे और मेरा विनम्र अनुरोश है कि यह नेक काम शीघ्र शुरू करें क्योकि आधे से ज्यादा रोहित अँधेरे में है और इन सबको एन डी तिवारीयों से स्वीकृती दिलवाने में समय तो लगेगा क्योकि १९९३ से पंचायती राज के प्रतिनिधि आये है और इसके पहले से विधायक और सांसद रहे है और फ़िर इसके बाद हमारे ब्युरोक्रेट्स भी तो नंबर लगाकर खड़े है और पूछ रहे है .......मेरा नंबर कब आएगा.................??? (नर्मदा किनारे से बेचैनी की कथा II )

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आभा निवसरकर "एक गीत ढूंढ रही हूं... किसी के पास हो तो बताएं.. अज्ञान के अंधेरों से हमें ज्ञान के उजालों की ओर ले चलो... असत्य की दीवारों से हमें सत्य के शिवालों की ओर ले चलो.....हम की मर्यादा न तोड़े एक सीमा में रहें ना करें अन्याय औरों पर न औरों का सहें नफरतों के जहर से प्रेम के प्यालों की ओर ले चलो...." मैंने भी ये गीत चित्रकूट विवि से बी एड करते समय मेरी सहपाठिन जो छिंदवाडा से थी के मुह से सुना था मुझे सिर्फ यही पंक्तिया याद है " नफरतों के जहर से प्रेम के प्यालों की ओर ले चलो...." बस बहुत सालो से खोज जारी है वो सहपाठिन शिशु मंदिर में पढाती थी शायद किसी दीदी या अचार जी को याद हो........? अगर मिले तो यहाँ जरूर पोस्ट करना अदभुत स्वर थे और शब्द तो बहुत ही सुन्दर थे..... "सब दुखो के जहर का एक ही इलाज है या तो ये अज्ञानता अपनी या तो ये अभिमान है....नफरतो के जहर से प्रेम के प्यालो की और ले चलो........"ये भी याद आया कमाल है मेरी हार्ड डिस्क बही भी काम कर रही है ........आज सन १९९१-९२ की बातें याद आ गयी बरबस और सतना की यादें और मेरी एक कहानी "सत...

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