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देवास में प्रखर चंद्रा निगम Jan 25, 2013





यह चार साल पुरानी बात होगी जब मै काम के सिलसिले में भोपाल से झांसी जा रहा था शताब्दी एक्सप्रेस में, एक युवा मेरे पास बैठा था शुरू में जैसा कि होता है थोड़ा पंगा हुआ फ़िर बाद में दोस्ती हो गई. पता चला कि वो नारसी मुंजी सिरपुर के कैम्पस में पढ़ रहा है और बी टेक कर रहा है. ऐसा कुछ रिश्ता बना कि हम बहुत अच्छे मित्र बन गये वो बिलकुल मेरे बेटे जैसा है. आज अचानक फ़ोन आया कि भैया मै देवास में हूँ और एक मुसीबत में तो मै भागा मुसीबत हल की और मै वो यहाँ आये तो मै मिले बगैर कैसे रह सकता था. अपने प्रिय मित्र बहादुर के साथ जाकर उससे और उसके भाई, भाभी से मिला, साथ खाना खाया. शुक्रिया प्रखर यह समय देने और देवास आने के लिए...उम्मीद है जैसा कि तुमने कहा है कि शीघ्र ही आओगे और ज्यादा समय के लिए........Prakhar Chandraa and Bahadur Patel

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