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"भारतीय गण शोषण पार्टी" का गठन

तो आप सभी को बड़े हर्ष के साथ सूचित किया जाता है कि आगामी पांच फरवरी को रायसीना की पहाडियों पर मै एक नई पार्टी की घोषणा करने जा रहा हूँ जिसका नाम होगा "भारतीय गण शोषण पार्टी" इसका असली उद्देश्य आम लोगों, दलितों, महिलाओं, बूढों, विकलांगों, निशक्तजनों और बच्चों का शोषण करना होगा. यह पार्टी भारतीय राजनीती के जरिये समाज में पूंजीवाद को बढ़ावा देगी, देश में करोडपति कैसे बढे कि दुनिया की फ़ोर्ब्स की सूची में सारे भारतीय हो और कोई माई का लाल अपना नाम जुडवाने की हिम्मत ना कर सके (कारण यह है एक पच्चीस करोड लोगों को शोषित करके इतना महान और नेक कार्य तो किया जा सकता है ना)  हमारी पार्टी कुपोषण का बढ़ावा, महिलाओं को असुविधा-गैरबराबरी, दलित शोषण, रिश्वत का वैधानिक आधार, लोकपाल का खात्मा, युद्ध को प्रमोट करने वाली विदेश नीति, खनिजों का अत्यधिक दोहन, साम्प्रदायिकता को लीगली स्वीकार करके हर माह हर जिले और ब्लाक में एक बड़ा दंगा, मीडिया को एकदम पूरी छूट सारी उन्मुक्तता के साथ काम करने की आजादी, सभी शिक्षा संस्थानों को परीक्षाओं से मुक्ति और मनचाहा पाठ्यक्रम बनाकर लागू करने की छूट- कोई भी मूर्ख शिरोमणि और गधा अपने घर दूकान में स्कूल से लेकर शोध संस्थान या विवि खोल सकेगा, सभी गुंडे -मवालियों को बस से लेकर ट्रेन, हवाई जहाज चलाने की इजाजत होगी बगैर फीस दिए, हाँ चुनावी चन्दा देना होगा और यही बात सभी मदिरालयों और देशी ठेकों पर लागू होगी. गीत-संगीत और सभी फिल्मों में अश्लील गानों और प्रदर्शन को खुली छूट होगी और आईटम सॉंग लाने पर टेक्स फ्री घोषित की जायेगी वो फिल्म. हाँ सदस्य बनने के लिए योग्यता है - कम से कम एक हजार लोगों को मेरी सभा में घेर कर लाये, कम से दस खून, पांच बलात्कार, दस डकैती, और ऐसे छोटे-मोटे केस होने चाहिए ताकि कम से कम पचास एफ आई आर थानों में उसके खिलाफ थाने में होना चाहिए. जो अम्बानी, टाटा या ऐसे बड़े घरानों को ब्लेकमेल करके चन्दा लाएगा या विदेशी पूंजी लाएगा चाहे एनजीओ खोलकर या एनजीओ वालों से वसूली करके, उन्हें वरीयता दी जायेगी. न्यायपालिका और थाने जैसी बेवकूफी नहीं होगी मेरे राज में हाँ और ये पार्टी सिर्फ मेरे इशारों और निर्णयों पर काम करेगी, मेरे बाद सिर्फ और सिर्फ मेरे वंशज इसमे पदों पर रहेंगे.

तो आईये पांच फरवरी को रायसीना की पहाडियों पर "भारतीय गण शोषण पार्टी" के फाउन्डेशन दिवस पर - दारू, मुर्गा, मछली और दमदम मस्ती के साथ देश विदेश के आईटमों के लाईव डांस का कार्यक्रम अआप सबके लिए रखा गया है हाँ मुफ्त में आईये अपने देश की रेल, बसें और बाकि सब है ही ना, देश जाम करेंगे उस दिन और हाँ जिसे गांधी या किसी और नेता के नाम पर भजन वगैरह याद हो उन भांडों और चारणों को भी उठा लाये ले आये. साला पचास साथ लोग डेढ़ -दो करोड लोगों को उस दिन कुम्भ से उठा लायेंगे तो भीड़ की चिंता नहीं है अभी .......

चलो फ़िर मिलता हूँ अभी ढेर काम है और बैनर बनाने है .......तो मिल रहे है ना......?

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