Bihar Election, Bihari trend, Akhil Tiwari, Mirjapur -1 & 2, Scam of 1992 Harshad Mehta, Khari Khari and Drisht Kavi - posts from 24 to 31 Oct 2020
तवायफ़ और संगीत की अमर नायिकाएं ◆◆◆ एक मित्र - जो प्राध्यापक है और हिंदी के विद्वान भी, इन दिनों तवायफ़ों और भारतीय संगीत की महिलाओं पर लगातार लिख रहे है और सच मे पठनीय और रोचक है, जानकारियों को संग्रहित करके ठीक ठाक भाषा में प्रस्तुत करना अच्छा काम भी है कल मैंने उनकी वाल पर लिखा कि उन सभी महिला गायकों की उपलब्धि और यश उनके गायन शैली से मिला, उनकी गाई हुई ठुमरी, ग़ज़लें, बंदिशें आज भी मौजूँ है और क्लासिक्स का दर्जा प्राप्त है, अठारवीं सदी से लेकर उन्नीसवीं सदी तक वे सब किसी भी व्यवसाय या पेशे से आई हो पर तवायफ़ / वेश्या कहना अब आवश्यक नही है यह सब सम्बोधन अब बेहद निम्न स्तर के है और महिलाओं की गरिमा के विपरीत है, इतिहास में जो भी हुआ हो किसी भी पेशे से उन्होंने पेट की आग को बुझाया हो पर उनका नाम संगीत और इतिहास में अमर उनकी गायकी और मौसिक़ी, ग़ज़ल कहने और बयाँ करने के अंदाज़ के लिए सुनहरे हर्फ़ों में लिखा गया है और नाकि पेशे के लिये मैंने यह भी लिखा था कि मैं नासमझ हूँ पर इस तरह की भाषा और सम्बोधनों से अब परहेज करना चाहिये पर माड़साब को बुरा लगा, तो मेरा ज्ञान उघाड़ने लगें और मुझे इतिहास पढ़...