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Modern Preamble of Constitution 26 Nov 2019


हम भारत के लोग , भारत को एक【संपूर्ण गुलाम, पूंजीवादी सम्प्रदायवादी तानाशाही व्यक्तिवादी】बनाने के लिए , तथा उसके समस्त नागरिकों को :
सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक अन्याय,

विचार, चुप रहना, अविश्वास , अधर्म

और उपासना पर प्रतिबंध,

बदनामी और अवसर की असमता

प्राप्त कराने के लिए

तथा उन सब मे

व्यक्ति की बेइज्जती और【 राष्ट्र की अनेकता और असुरक्षा 】सुनिश्चित करने वाली लड़ाई , वैमनस्य बढ़ाने के लिए
दृढ़ संकल्प होकर अपनी इस मूर्ख सभा मे आज तारीख 26 नवम्बर 2019 ई.【कार्तिक अमावस्या / कार्तिक - मार्ग शीर्ष शके 1941】को एतदद्वारा इस असंविधान को अंगीकृत, अधिरोपित और आत्मार्पित करते है।
◆◆◆
राष्ट्रीय संविधान दिवस की बधाई

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संविधान दिवस पर जनता को मौत की सज़ा दो - संविधान की हत्या के आरोप में
◆◆◆
मोदी , शाह , पूरी सरकार और सभी राजनैतिक दलों को अभी भी लगता है कि जनता बेवकूफ है और वे अजीत का सत्तर हजार करोड़ के घपलों के अपराध को मुआफ़ कर देंगे और किसी को समझ नही आएगा
राष्ट्रपति या राज्यपाल एक कठपुतली है - यह भी समझ नही आता क्या
सुप्रीम कोर्ट 24 - 24 घण्टे की मोहलत लेकर किसको सपोर्ट कर रहा - यह समझने में भी जनता मूर्ख है क्या
महाराष्ट्र के सभी दल और नेता कितने घटिया और नीचता पर उतर आए है - यह भी लोग नही समझ रहे क्या
फ्लोर टेस्ट , मीडिया, एंकर्स और बुद्धिजीवियों की क्या औकात है - वह भी जनता को समझ नही आ रहा
ब्युरोक्रेट्स, पुलिस कितने बड़े गिरगिट है - यह भी समझती नही क्या जनता
इस देश में 2014 से बल्कि 1992 से राष्ट्रवादी कितनी साफ़ नीयत से राष्ट्रसेवा कर रहे - यह भी समझ नही आता क्या जनता को
निकालें कमीनों को , सड़क पर लाओ अब सबको - कांग्रेस हो, शिवसेना, एनसीपी या राष्ट्रप्रेमी - और सौ मारो - एक भी मत गिनो
ये देश बर्बाद हो गया है हर मोर्चे पर - अनपढ़ गंवारों और धूर्तों को चुनोगे तो और क्या उम्मीद करोगे
जनता को भूनकर मार डालना ही एकमात्र हल है अब
नपुंसक, मौन, डरी और मरी हुई जनता से जनसंख्या विहीन देश बेहतर है

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