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मेरे वजूद को एक सिरे से स्वीकारता हुआ चला आता है

जानता हूँ कि ये क्षणिक है तनाव, संताप और अवसाद - पर कैसे दिन बीत रहे है यह तुम जान समझ नहीं सकते और लग रहा है कि इन्ही सबके बीच से गुजर तो जाउंगा पर जब तक सब कुछ पा लेने की स्थिति में आउंगा, क्या वो पा सकूंगा मै ...........तुम कहते थे ना कि सबको सब नहीं मिलता और किसी-किसी को तो ज्यादा इंतज़ार करना पडता ,है पर कहाँ सीमा खत्म होती है, कितना समय लगेगा अब और,  इस खोने-पाने की और गर्मजोशी से भरे समय में हम कह तो जाते है, जो दिलासा सा प्रतीत होता है पर जो उथल-पुथल मन में मची रहती है उसे कैसे बताऊँ. यह समय, जो मै बार-बार इंगित कर रहा हूँ कि बिदाई की बेला का है, समय हो रहा है और फ़िर से एक बार इतना लंबा इंतज़ार करने की आदत नहीं रही है. यह बेचैनी है या इंतज़ार, पर जो है वो है !!! बस यही कह सकता हूँ...........तुमने किसी पेड़ पर नन्ही पत्तियों को बरसात की बूंदों का इंतज़ार करते देखा है, या कही गहरी अंधेरी रात में जुगनू की चमक को यहाँ-वहाँ भटकते हुए देखा है, या किसी उजाड किले पर चमगादड़ों के झुण्ड को एकदम से उड़ते हुए देखा है, या किसी गहरे कुएं में सिसकते हुए मेंढकों को बाहर ना निकल पाने की त्रासदी झेलते हुए देखा है, कभी महसूस किया है किसी कोने में रखी सारंगी को जो धूल में पडी अपनी करनी को भुगत रही हो या बांसुरी के स्वरों से पीलू की धून या मालकौंस को फटते हुए सुना है या मांदल की थाप के सुर बिगडने पर जिस तरह से उसे कसा जाता है क्या उस पीड़ा को भुगता है...मुझे नहीं मालूम कितना खामोशी से चले हो ??? जीवन में ठीक आधी रात के सन्नाटे को चीरते हुए और पीछे किसी के लगातार आने का खौफ ...ओह कितना भयावह होता है यह सब, जब हम जज्ब कर पाए और फ़िर से सोचे कि क्या पाना है! अभी समय हो रहा है.... क्षण भंगुर नहीं हूँ मै, यह आश्वस्ति जरुर थी पर अब जब भरोसा ही उठ गया है पता नहीं आज आसमान में चाँद निकलेगा या नहीं या कल सुबह भुनसार में सूरज की किरणें मुझ तक पहुंचेगी या नहीं तो डर लगता है........डर यह नहीं कि कल क्या होगा, डर यह कि आज, अभी कैसे गुजरेगा यह सदी से बड़ा क्षण .......आओ लौट, आओ, दिलासाओं से काम नहीं चलेगा, अब मुझे सच में वो सब चाहिए जो मेरे होने को परिभाषित करता है.....मेरे वजूद को एक सिरे से स्वीकारता हुआ चला आता है और फ़िर कही दूर से बजती है एक रसीली तान कि साजन घर आये......मोरे मन मंदिर में साजन घर आये..........

Comments

Shree said…
बहुत सुन्दर पोस्ट

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