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अभी कमबख्त दिल धड़कता है- शहरयार


अभी नहीं, अभी जंजीरे ख्वाब बरहम है 
अभी नहीं, अभी दरवाज़ है उम्मीदों का 
अभी नहीं, अभी सीने का दाग जलता है 
अभी नहीं, अभी पलकों में खूं मचलता है
अभी नहीं, अभी कमबख्त दिल धड़कता है .

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शहरयार (1936-2012)

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