लिखना है तो साहित्यकार से दूर रहो सोशल मीडिया के घसियारों से दूर रहो, बूढ़े और चुके चौहानों से दूर रहो, सम्पादकों से दूर रहो, प्रकाशकों को लिस्ट से हकाल दो, पीएचडी स्कालर्स को ब्लॉक कर दो, बेरोजगारी के दंश झेलकर ब्राह्मणों को जबरन कोस रहे दलितों के नाम पर ऐयाशी करने वाले धूर्त और हारमखोर कवियों - कहानीकारों को जूते मारकर निकाल दो लिस्ट से, पत्रकारों को घास मत डालों, अपने कस्बे - मुहल्लों और शहर के रचनाकारों को भगाओ साहित्य के किसी भी अच्छे या घटिया आयोजन में मत जाओ - जहाँ ये कार्यक्रम कम सेटिंग भिड़ाने और कुत्तों - कुतियाओं को दूध रोटी देने के धत करम ज़्यादा करते है, महिला रचनाकारों को तो बिल्कुल भी भाव मत दो - वरना वे बर्बाद कर देंगी आपको तारीफ कर- करके, हो सकता है पति छोड़कर आपसे ब्याह करके आपको तबाही तक भी ले आये - ये सब देखा-भाला अनुभव और निचोड़ है 40 वर्ष की हिंदी साहित्य यात्रा का इस सबको छोड़ोगे तभी सार्थक, कालजयी और सुंदर रच पाओगे #दृष्ट_कवि #कागज़2 अमेजॉन प्राइम पर है, मुद्दा पुराना है पर स्व सतीश कौशिक और अनुपम खैर के साथ नीना गुप्ता की छोटी सी भूमिका ने इस फ़िल्म को...
The World I See Everyday & What I Think About It...