फिर जाने के लिए लौट आना ही एक दुष्चक्र है ***** सत्ता में आते ही समान नागरिक संहिता लागू कर दी होती तो ये मुस्लिम पर्सनल बोर्ड की इतनी हिम्मत ना बढ़ती महिलाओं को बेइज्जत करने की पर महबूबा के साथ सरकार भी बनानी है, शाहनवाज खां को भी खुश रखना है, यूपी बिहार में चुनाव भी जीतना है, 370 पर भी चुप रहना है - तो करते रहिए प्रलाप, क्यों सुनेगा कोई आपकी । जाकिर नाइक हो, दाऊद हो या ये पर्सनल बोर्ड ये सब आपको आईना दिखाते रहेंगे।कल ईसाई उठेंगे और परसों पारसी या सिख या कि जैन !!! जियो महाराज मेहर तो आयेगा 2019 में जब जनता कहेगी तड़ाक, तड़ाक और तड़ाक ! ***** 'मुझे मालूम है मै जो कुछ कहूँगा, वह बहुत नीरस और निरर्थक है। बहुत से शब्द हैं और मैं अक्सर बोलते हुए गलत शब्दों को चुन लेता हूँ और फिर मुझे बुरा लगता है, और फिर ज़िद बंध जाती है, और मैं विषय से भटक जाता हूँ, लेकिन तब चुप रहने का अवसर चूक जाता है, और जब अंत में बोलकर चुप हो जाता हूँ, तो मुझे लगता है कि मुझे शुरू में ही चुप रहना था' # निर्मल_वर्मा तुम्हे और उस सबको याद करते हुए जो कभी घटित हुआ ही नही ***** ये एक उ...
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