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लाल सलाम कामरेड



कामरेड को पूंजी से सख्त नफ़रत है और वो परिग्रह, पूंजी, जमीन जायदाद के भी खिलाफ है .....................
परन्तु कामरेड को दोस्त ऐसे चाहिए जिनके पास.....
1) कार हो जो कामरेड को घूमा फिरा दें
2) शराब की पार्टियां दे सकें
3) कॉफ़ी हाउस में नियमित ले जा सकें
4) गाहे-बगाहे उधार दे सके और कामरेड लेकर भूल जाएँ
5) हमेशा अपने खर्च पर घूमने फिरने ले जाए
6) दोस्तों की नौकरी ऐसी रुतबे वाली हो कि फटीचर कामरेड की चल निकले
7) कामरेड किसी भी दोस्त पर जूँ और पिस्सू की तरह से चिपककर शोषण कर सके
8) किसी खटमल सा खून पी सके अपने दोस्तों का
9) कामरेड की कविता पाठ कहानी पाठ का खर्च दोस्त उठायें
10) कामरेड की घटिया किताबों को दोस्त बेचें और खरीदें
11) कामरेड पूंजी को गाली दें शादी ब्याह को और समाज को गाली दें पर यही सब उसे महान बनाए और तोकते फिरे हर जगह कि तुम महान हो समर्पित कामरेड
12) कामरेड के बच्चों की फीस यही पूंजी वाले दोस्त भर दें
13) कामरेड की सिगरेट और दारु का खर्च अमीर दोस्त उठाये
14) कामरेड बीमार हो तो दोस्त तीमारदारी करें
15) कामरेड कही से मारकर कुछ भी लिख दें दोस्त लोग प्रशंसा करें
16) और अंत में कामरेड दोस्तों को कुछ ना बताएं और दोस्तों के पैजामे की नाडी का रंग भी जानने की जिज्ञासा रखें
लिस्ट बहुत लम्बी है, कामरेड सही है - साले पूंजीपति दोस्त हरामखोर होते है , और कामरेड हमेशा सही होते है. वे बुद्धिजीवी होते है और फ़ालतू कामों में, दुनियादारी में अपना जीवन बर्बाद नहीं करते, नहीं करना चाहिए.......आईये कार्ल मार्क्स जिंदाबाद बोले, आईये मजदूर एकता जिंदाबाद बोलें, आईये दुनियाभर के पूंजीपतियों को धिक्कारें और दुत्कारें.
L

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