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देश और मालवे को बीस बरसो बाद कुमार जी मिल गए है -12 Jan 2012/1055 PM

कल जब कुमार जी की बीसवीं पुण्यतिथि पर "भानुकुल" में संगीत की स्वर लहरियाँ बिखर रही थी, पंडित राजशेखर मंसूर कुमार जी से जुडी स्मृतियाँ बता रहे थे, तब कलापिनी थोडी चिंतित लग रही थी............आज सुबह-सुबह कलापिनी का मोबाईल पर सन्देश आया कि कुमार जी के सुयोग्य पोते भुवन की पत्नी सौ उत्तरा ने कल रात 1055 पर एक बालक को जन्म दिया ..............यह तो बहुत ही खुशी की बात है मैंने तुरंत कलापिनी से बात की और बरबस एक ही वाक्य मुह से निकला कि "देश और मालवे को बीस बरसो बाद कुमार जी मिल गए है " ...........यह बहुत ही खुशी की बात...है बधाई सम्पूर्ण परिवार को, देवासियो को और मालवे को और सबसे ज्यादा.........Bhuvanesh Komkali को ......Kalapini Komkali को और आदरणीय वसुंधरा ताई को भी .........

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