Skip to main content

फेसबुक मेनिया

ऐसा नही था कि अवसर उसके पास नहीं आये थे पर उसे इमोशन बेचना नहीं आता था ना ही दूसरों के सामने अपने आंसूओ को बिछाना, एक दिन उसे पता चला कि वो सब जो बहुत सिद्धांतों की बात करते थे एक नई दुनिया में बस गए और सब एक साथ संगठित हो गए, धीरे धीरे एक गूगल ग्रुप और याहू ग्रुप और फेसबुक कम्युनिटी पर सब छा गए बस यही वो चूक गया अपना मान बैठा था इन सब मुखौटो को(फेसबुक मेनिया)

Comments