ऐसा नही था कि अवसर उसके पास नहीं आये थे पर उसे इमोशन बेचना नहीं आता था ना ही दूसरों के सामने अपने आंसूओ को बिछाना, एक दिन उसे पता चला कि वो सब जो बहुत सिद्धांतों की बात करते थे एक नई दुनिया में बस गए और सब एक साथ संगठित हो गए, धीरे धीरे एक गूगल ग्रुप और याहू ग्रुप और फेसबुक कम्युनिटी पर सब छा गए बस यही वो चूक गया अपना मान बैठा था इन सब मुखौटो को(फेसबुक मेनिया)
The World I See Everyday & What I Think About It...
Comments